गोंडा। डाक विभाग ने डोर स्टेप बैंकिंग सेवा शुरू की है। इससे डाकघरों के साथ किसी भी बैंक के खाताधारक को डाक विभाग घर बैठे पैसा पहुंचाएगा। इसके लिए पास के पोस्टमास्टर व पोस्टमैन को फोन कॉल करके बताना होगा कि खाता धारक को कितनी रकम चाहिए। अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर कैश ऑन डिलीवरी की सेवा भी ले सकेंगे।
डाक विभाग ने जनपद के 538 डाकघरों में भारतीय डाक भुगतान बैंक की डोर स्टेप बैंकिंग सेवा शुरू की गई है। इसके लिए यह जरूरी है कि उसका बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। फोन करने के बाद डाकिया बायोमेट्रिक मशीन लेकर संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचेगा और बायोमेट्रिक मशीन में संबंधित व्यक्ति का आधार नंबर स्कैन कर डाकिया उसकी पहचान करेगा। पहचान की पुष्टि होने के बाद डाकिया उसे रकम का भुगतान कर देगा । खाताधान को एक दिन में 10 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
शुरू हुई कैश ऑन डिलीवरी सेवा
शहरों की तर्ज पर ऑनलाइन शॉपिंग अब ग्रामीण क्षेत्र के दूर दराज इलाकों में बैठे लोग भी कर सकेंगे। दरअसल प्राइवेट कुरियर कंपनियां की पहुंच अभी तक सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोग ऑनलाइन शॉपिंग का लाभ नहीं उठा पाते थे। डाक विभाग ने एक नई पहल की है।
अब स्पीड पोस्ट कैश ऑन डिलीवरी (एसपीसीओडी) सेवा शुरू की है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग की पहुंच होने के कारण अब ग्रामीणों को इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ऑनलाइन कोई भी वस्तु खरीदने पर जब डाकिया सामान लेकर उनके घर पहुंचेगा तो उसे भुगतान करना होगा।
10 हजार रुपये तक होगा भुगतान
डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से कैश ऑन डिलीवरी सेवा के साथ-साथ डोर स्टेप बैंकिंग सेवा की शुरुआत की है। डोर स्टेप बैंकिंग सेवा में किसी भी बैंक का खाताधारक अपने पास के डाक घर पर डाकिया के माध्यम से या पोस्ट मास्टर को फोन कॉल करके घर बैठे 10 हजार रुपये तक का भुगतान ले सकता है। इसके लिए जरूरी है उसका खाता आधार से लिंक होना चाहिए ।
- आईके शुक्ला, डाक अधीक्षक