मनकापुर (गोंडा)। सही देखरेख न होने और सचिव की लापरवाही से रविवार को बैरीपुर रामनाथ गांव स्थित गोशाला में 20 गोवंशों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक गोवंश बीमार हैं। गोवंशों के मृत मिलने पर हरकत में आए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम मनकापुर कीर्ति प्रकाश ने बताया कि गोशाला में 20 गोवंश के मृत मिलने की सूचना है। जांच की जा रही है, बीडीओ की टीम मौके पर भेजी गई है। जबकि, बीडीओ का कहना है कि मौके पर सचिव की लापरवाही सामने आई है। सचिव के निलंबन की संस्तुति की रिपोर्ट सीडीओ को भेजी है।
तहसील मनकापुर के बैरीपुर रामनाथ गांव में बनी गोशाला में गोवंशों की देखभाल नहीं होने व ठंड से बचाने के इंतजाम नहीं है। रविवार को गोशाला में एक बछिया समेत आठ गोवंश मृत मिली। इसके अलावा गोशाला के बाहर भी 12 गोवंश मृत मिले हैं। गोवंशों की मौत अधिक ठंड से हुई है। गोवंशों के मृत पाए जाने की सूचना पर तहसीलदार नरसिंह नरायन वर्मा, खंड विकास अधिकारी विजय कांत मिश्र, एडीओ पंचायत राकेश श्रीवास्तव, सचिव पवन कुमार गौतम तथा पशु चिकित्सक परमहंश राय मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने देखा कि गोवंशों को कुत्ते व कौवे नोच कर खा रहे थे। बाद में मृत गोवंशों के शवों को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबा दिया गया।
एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती ने बताया कि मृत गोवंशों को गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबा दिया गया है। खंड विकास अधिकारी विजय कांत मिश्र से रिपोर्ट तलब की गई है। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ग्राम पंचायत में तैनात सचिव पवन कुमार गौतम की लापरवाही पायी गई है। कई दिनों से गोवंश मर रहे हैं। इसकी न तो सूचना उन्होंने किसी भी सक्षम अधिकारी को दी और न ही मौके पर जाकर इलाज आदि की व्यवस्था कराई। सचिव को निलंबित करने को सीडीओ को रिपोर्ट भेजी गई है।
गोशाला में क्षमता से अधिक रखे गए मवेशी
डॉ परमहंस राय ने बताया कि इस गोशाला में 200 गोवंश रखने की क्षमता है, लेकिन यहां जबरन लगभग चार सौ मवेशी रखे गये हैं। जिससे यह दिक्कतें आई हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आत्मा राम ने बताया कि अभियान के तहत बीते 15 दिनों से लगातार यहां पर छुट्टा मवेशी जबरन पकड़ कर भेजे जा रहे हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं बढाई गईं। भूसा, दाना व ठंड से बचाव के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था गांव सभा को नहीं दी गई है। एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती ने बताया कि सूचना मिलते ही मातहतों को मौके पर भेज कर मृत पड़े मवेसियों को जेसीबी से खुदाई करवा कर उन्हें मिट्टी के नीचे दबा दिया गया है। मामले में खंड विकास अधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है।