परसपुर थाना क्षेत्र के मरचौर गांव के मजरा पंडित पुरवा में स्थित सम्मय देवी मंदिर के पुजारी की रविवार देर रात बदमाशों ने गमछे से गला कसकर हत्या कर दी और पुजारी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर शव मंदिर परिसर में बने कुएं में फेंक दिया। रविवार की सुबह पूजा-पाठ के लिए मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को पुजारी नहीं मिले तो तलाश के दौरान उनका शव कुएं में पड़ा मिला। इस मामले में पुजारी के भतीजे ने परसपुर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
परसपुर थाना क्षेत्र के मरचौर गांव के दूबे पुरवा के रहने वाले जगप्रसाद उर्फ राजू ने बताया कि उसके चाचा रामदयाल (75) इसी गांव के मजरा पंडित पुरवा में स्थित सम्मय देवी मंदिर में पुजारी थे। राजू के मुताबिक उसके चाचा मंदिर परिसर में बने एक कमरे के सामने बरामद में रहते थे।
राजू ने बताया कि उसके चाचा नवरात्र में व्रत थे, इसलिए रविवार देर शाम श्रद्धालु पूजा-पाठ कर अपने घरों को चले गए थे तो उसके चाचा अपने लिए फलाहार बना रहे थे। तभी देर रात पहुंचे बदमाशों ने चाचा के गमछे से गला कसकर उनकी हत्या कर दी।
इसके बाद बदमाशों ने चाचा के मुंह में कपड़ा ठूंसकर शव को मंदिर परिसर में बने कुएं में फेंक दिया। सोमवार की सुबह पूजा-पाठ के लिए मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को पुजारी मंदिर में नहीं मिले तो तलाश के दौरान उनका शव कुएं में उतराता मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीओ एस हम्द ने मौके पर पहुंचकर गांव वालों से मामले की जानकारी ली। इस मामले में पुजारी के भतीजे जगप्रसाद उर्फ राजू ने थाना परसपुर में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मरचौर के पंडित पुरवा स्थित सम्मय देवी मंदिर के पुजारी रामदयाल के दो दिन पहले बरामदे से दो हजार रुपये चोरी हो गए थे। मंदिर के पुजारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात गांववालों से कही थी। इससे माना जा रहा है कि कहीं धन कि लालच में तो पुजारी की हत्या नहीं की गई है। इसको लेकर पुलिस हर एक पहलुओं को खंगाल रही है।