नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित नुमाइश फ्लाईओवर के पास मंदिर के सामने सड़क पर हो रहे जागरण को देखकर एसएसपी भड़क गए। सूचना पर पहुंचे कोतवाल और सीओ ने माता का दरबार हटाने के आदेश दे दिए तो जागरण समिति और पुलिस के बीच नोंकझोंक शुरू हो गई।
नाराज लोगों ने एसएसपी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने रात 12 बजे तक जागरण करने पर सहमति प्रदान कर दी। हालांकि जागरण सुबह पांच बजे तक चलता रहा। मां वैष्णों जागरण समिति के सदस्य एडवोकेट मोहित सक्सेना ने बताया कि नुमाइश फ्लाईओवर के पास माता का मंदिर है।
समिति की ओर से पहली बार मंदिर पर भव्य जागरण होना था। जागरण समिति के पास पुलिस और प्रशासन का अनमुति पत्र भी था। मगर रविवार होने के चलते अनुमति पत्र सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर में जमा नहीं हो पाया था। मोहित ने बताया कि डिवाइडर की एक तरफ माता का दरबार सजा हुआ था।
सड़क के दूसरी तरफ आवागमन सुचारु था। रात करीब नौ बजे एसएसपी अनीस अहमद अंसारी नगर भ्रमण पर निकल रहे थे। थोड़ी देर बाद ही नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ पुलिस बल लेकर पहुंच गए और उन्होंने दरबार हटाने के आदेश दे दिए। आरोप है कि अनुमति पत्र को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद लोग जिलाधिकारी एके सिंह के पास पहुंचे।
उन्होंने एडीएम प्रशासन से फोन पर बात कर बीच का रास्ता निकालने की बात कही। जिसके चलते एडीएम प्रशासन ने एसपी सिटी मान सिंह चौहान को फोन पर समाधान निकालने के लिए कहा। जिलाधिकारी के पास से लोग जब जागरण स्थल पर पहुंचे तो वहां महिला सीओ और नगर कोतवाल दरबार हटाने पर अड़े हुए थे।
इस पर गुस्साए लोगों ने एसएसपी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने रात 12 बजे तक जागरण करने पर सहमति प्रदान कर दी, हालांकि लोगों ने सुबह पांच बजे तक जागरण किया।
शहर कोतवाल राजवर्धन गौड़ का कहना है कि बिना अनुमति के कुछ लोग सड़क पर जागरण कर रहे थे। उसे हटाने के आदेश थे। जिस पर लोग आक्रोषित हो गए। बाद में उच्चाधिकारियों ने आरती के कुछ घंटे बाद तक जागरण करने की अनुमति दे दी। जिसके बाद जागरण हुआ।
अफसरों की सुनिए
आयोजक बिना अनुमति के सड़क पर जागरण करा रहे थे। अनुमति पत्र मांगा गया तो आख्या का पत्र दिखाया। लोग काफी देर तक अनुमति को लेकर झूठ बोलते रहे। अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी
जागरण के लिए समिति के सदस्यों ने अनुमति नहीं ली थी। बाद में सहमति के बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। अरविंद कुमार, एडीएम प्रशासन