गोंडा। शासन की ओर से राशन कार्ड की आधार कार्ड से सीडिंग में कार्डधारकों व उसमें दर्ज यूनिट में नाम का दिये गये आधार से मैच न करने पर जिले में एक लाख से अधिक लोगों के नाम राशन कार्ड से कट गये हैं। राशन कार्ड से नाम कटने से कार्डधारक परेशान हैं उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। नाम जुड़वाने को लेकर वह भटक रहे हैं। इसके लिए अब शासन की ओर से आधार जुड़वाने की व्यवस्था की गई है। पूर्ति विभाग भी अपने स्तर से आधार को दोबारा जोड़वा रहा है।
जिले में अंत्योदय योजना व पात्र गृहस्थी योजना के तहत जिले में 5.50 लाख कार्डधारक हैं। जिन्हें हर माह सस्ते दर पर गल्ला मिल रहा है। शासन के निर्देश पर अनाज वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए कार्डधारकों के राशन कार्ड को उनके आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है। अभी तक 25 फीसद आधार की फीडिंग नहीं हो सकी है। कई माह से अब राशन का वितरण प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से किया जा रहा है। कार्डधारक या उसके घर के किसी भी सदस्य का फ्रिंगर प्रिंट लगाने के बाद उचित दर विक्रेता की ओर से अनाज का वितरण किया जा रहा है।
इसी बीच में शासन की ओर से राशन कार्ड व आधार कार्ड की सीडिंग करने के दौरान कार्ड धारकों व उसके घर के सदस्यों के राशन कार्ड में दर्ज नाम व आधार में मिस मैच होने से करीब एक या दो कार्डधारक व यूनिट का नाम कट गया। कार्डधारकों में ऊहापोह की स्थिति बन गई है। लोग अब कार्ड की फीडिंग कराने के लिए भटक रहे हैं। सूची में नाम न होने या फिर परिवार के सदस्यों (यूनिट) का नाम न होने से कोटेदार की ओर से अनाज नहीं दिया किया जा रहा है।
राशन कार्ड से आधार लिंक न कराने पर नहीं मिलेगा राशन
राशन कार्ड में बिना आधार जुड़े कार्डधारकों को राशन कार्ड नहीं मिल सकेगा। सभी कार्डधारकों को अपना व अपने परिवार के उन सभी सदस्यों का जिनका राशन कार्ड में नाम दर्ज है उनका आधार लिंक कराना होगा। अब जिले के सभी 1450 उचित दर विक्रेताओं के दुकानों पर कार्डधारकों को अनाज का वितरण पीओएस मशीन से किया जा रहा है। बिना मशीन पर फ्रिंगर प्रिंट दिये कार्डधारकों को मैनुअल तरीके से राशन वितरण किये जाने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। मैन्युअल वितरण से अनाज वितरण में घपले का मामला बढ़ने से शासन ने इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
जिन कार्डधारकों व उनके परिवार के लोगों का आधार नहीं लगा होगा उन्हें अनाज नहीं मिल सकेगा। कार्डधारकों व उसके परिवार के लोगों का जो नाम आधार में है वही नाम कार्ड में होना जरूरी है। नाम के स्पेलिंग में जरा सा भी फर्क होगा तो राशन कार्ड के सीडिंग में शासन की ओर से निर्धारित किया गया साफ्टवेयर उस कार्ड को बोगस मानकर खारिज कर देगा। ऐसे में जिन कार्डधारकों के नाम कट गये हैं उन्हें दोबारा अपने व परिवार के लोगों का आधार देकर उसे ठीक से फीड कराना होगा। शासन की ओर से यह व्यवस्था की गई है कि कोई भी कार्डधारक अपना आधार किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर फीड करा सकता है।
राशन कार्ड से लिंक कराया जा रहा आधार
जिन राशन कार्डधारकों का आधार नहीं लगा है वह अपना आधार विभाग में देकर या फिर जनसुविधा केंद्रों पर जाकर आधार को कार्ड से जोड़वा दें। बिना आधार लिंक होने से पीओएस मशीन से उन्हें अनाज का वितरण संभव नहीं है। शासन की ओर से सभी जनसुविधा केंद्रों को कार्डधारकों के नाम वाली सूची व संबंधित कार्डधारक व परिवार के सदस्यों के नाम का आधार जोड़ने का सिस्टम लिंक कर दिया है। गड़बड़ी न हो इसके लिए कार्डधारकों को कड़ी हिदायत दी गई है कि वह मैन्युअल अनाज का वितरण न करें, ऐसा करते पाये जाने पर एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। -वीरेन्द्र कुमार महान, डीएसओ गोंडा।