गोंडा। बिमौर स्थित आसाराम के आश्रम में कार से बरामद हुए किशोरी की मौत का रहस्य चार दिन बाद भी बरकरार है। जांच में लगी टीमें इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी हैं कि किशोरी की मौत कैसे हुई है। हत्या का कारण फिलहाल पुलिस तलाश नहीं सकी है। जो अहम सुराग लगे हैं उनका दायरा बड़ा है। जांच कई बिंदुओं पर चल रही है, जिसमें अवैध संबंध के चलते हत्या किए जाने को सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस आश्रम के केयर टेकर, किशोरी की मां समेत अन्य परिजन व रिश्तेदार व जमीन विवाद से जुड़े आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की जद्दोजहद में जुटी है। उधर, पुलिस प्रशासन ने चौकी प्रभारी को पहले ही लापरवाही में लाइन हाजिर कर चुका है।
पांच अप्रैल से लापता कक्षा पांच की छात्रा का शव जब से नगर कोतवाली क्षेत्र के बिमौर स्थित आसाराम के आश्रम में कार से बरामद हुआ है तब से तरह-तरह की चर्चा है। जिस आश्रम में केयर टेकर के अलावा कुछ कर्मचारी रहते हैं और बाहर से आने वाले कुछ अनुयायी भी ठहरते हैं। इस तरह की वारदात होने से कई सवाल उठ रहे हैं। पहला यह कि योजनाबद्ध ढंग से पहले तो इस घटना को अंजाम दिया गया और बाद में इसे आश्रम में ही छुपाया गया। शव भी काफी दिनों से खड़ी कार से उस समय बरामद हुआ जब बलरामपुर से आए लोगों को दुर्गंध का आभास हुआ। जबकि आश्रम में पहले से ही कुछ और लोग थे जिन्हें इतनी बड़ी घटना की भनक ही नहीं लगी। (संवाद)
14 लोगों से हो चुकी पूछताछ
हाई प्रोफाइल हो चुके इस बहुचर्चित मामले में ज्यों-ज्यों जांच आगे बढ़ रही पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक केयरटेकर, आश्रम के कर्मचारी, किशोरी की मां, परिजन व रिश्तेदार के अलावा जमीन विवाद से जुड़े लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। इनमें से कुछ को छोड़ दिया गया तो कुछ अभी भी हिरासत में है। बताया जा रहा है कि अब तक 14 लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
बिसरा रिपोर्ट आने में लग सकते हैं अभी पांच दिन
किशोरी की मौत का रहस्य तभी खुलेगा, जब बिसरा रिपोर्ट पुलिस को मिल जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा को भेज दिया गया है, लेकिन अधिकारियों की पैरवी के बाद भी इसकी रिपोर्ट आने में कम से कम पांच दिन लग सकते हैं। प्रकरण के खुलासे की स्क्रिप्ट भले की पुलिस तैयार कर ले, लेकिन अंतिम निर्णय बिसरा रिपोर्ट मिलने पर ही होगा।
नगर कोतवाल का दावा, त्वरित हुई कार्रवाई
नगर कोतवाल पंकज कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें जैसे ही किशोरी के लापता होने की जानकारी हुई उन्होंने अपनी जीप भेजकर उसकी मां को कोतवाली बुलाया और तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बताया कि बृहस्पतिवार को आश्रम में बलरामपुर के कुछ लोग ठहरे हुए थे जिन्हें दुर्गंध का आभास हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद कार से शव को बरामद किया गया।
आसाराम आश्रम में खड़ी कार में किशोरी का शव मिलने के मामले की जांच में पांच टीमें लगी हैं। पूछताछ में अहम सुराग मिले हैं। दो दिशा में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। बिसरा रिपोर्ट मिलते ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। संतोष कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक