गोंडा। कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के रहने वाले एक युवक को फर्जी मामले में आर्म्स एक्ट में जेल भेजने के आरोपी कोतवाली करनैलगंज के कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मियों ने अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपने बयान दर्ज कराए हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों ने बयान के दौरान अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी है। आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान के बाद शिकायतकर्ता व फर्जी मामले में जेल गए युवक का बयान दर्ज किया जाएगा। शिकायतकर्ता पक्ष व आरोपियों के बयान के अपर पुलिस अधीक्षक की जांच की प्रगति आगे बड़ेगी।
कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के रहने वाले देवेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार अयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके भतीजे अद्रोण प्रताप सिंह को कोतवाली करनैलगंज के उपनिरीक्षक कौशल किशोर भार्गव, उपनिरीक्षक बृजेश कुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल गिरजा शंकर, हेड कांस्टेबल राजू सिंह व कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार 12 अगस्त की रात में अद्रोण प्रताप सिंह को उसके घर से उठा ले गए।
पुलिस ने 14 अगस्त को चचरी मार्ग पर बिबियापुर अवधूत नगर के पास उसकी फर्जी तरीके से तमंचे व कारतूस के साथ गिरफ्तारी दिखाते हुए जेल भेज दिया। पूरा मामला कोतवाली करनैलगंज के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह की जानकारी में किया गया। मानवाधिकार अयोग ने आईजी देवीपाटन परिक्षेत्र से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। आईजी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक बहराइच ने सीओ कैसरगंज कमलेश कुमार सिंह से मामले की जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। सीओ कैसरगंज ने कोतवाल करनैलगंज समेत पांचों पुलिसकर्मियों को अद्रोण प्रताप सिंह को फर्जी मामले में आर्म्स एक्ट में जेल भेजने का दोषी मानते हुए एसपी बहराइच के जरिए आईजी को रिपोर्ट भेजी।
आईजी ने मामले में पुलिस अधीक्षक गोंडा को दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी गोंडा संतोष कुमार मिश्रा ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज को सौंप दी। सीओ कैसरगंज की जांच में दोषी पाए गए कोतवाल करनैलगंज प्रदीप कुमार सिंह समेत पांचों पुलिसकर्मियों ने अपर पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं। आरोपों पर सभी पुलिसकर्मियों ने सफाई दी है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। शिकायतकर्ता व उसके भतीजे का बयान भी लिया जाएगा। इसके बाद जांच को गति दी जाएगी।