गोंडा। थाना परसपुर क्षेत्र की महिला का लैंगिक उत्पीड़न, मारपीट व दलित उत्पीड़न के 13 साल पुराने मुकदमे में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ने एक आरोपी अभियुक्त को दो साल कारावास और छह हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
एससीएसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि थाना परसपुर क्षेत्र की एक महिला ने 14 मई 2009 को थाने में तहरीर देकर कहा कि गांव के एक व्यक्ति ने रात में उसके घर में घुसकर लज्जा भंग की। मारपीट करते हुए जाति सूचक अपशब्द भी कहा। तहरीर पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना के दौरान महिला का लज्जा भंग, मारपीट व दलित उत्पीड़न के अपराध का साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी रवींद्र कुमार पुत्र जानकी प्रसाद निवासी दिकौली थाना परसपुर वर्तमान निवासी 144 गली नंबर 6, शिव बिहार किरावल नगर थाना मिदावल नगर दिल्ली के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध दलित महिला के लज्जा भंग, मारपीट व दलित उत्पीड़न का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया। शुक्रवार को निर्णय देते हुए विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट मीता सिंह ने अभियुक्त रवींद्र कुमार को दो साल सश्रम कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। संवाद