गोंडा। बिजली बिल राहत योजना में पंजीकरण न कराने वाले 6,66,806 उपभोक्ताओं पर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार को अभियान चलाकर 1,016 घरों की बिजली काट दी गई, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी भी देखने को मिली।
बिजली बिल राहत योजना का तीसरा व अंतिम चरण छह से 28 फरवरी तक चल रहा है। उपभोक्ताओं को ब्याज पर 100 प्रतिशत और मूल बिल पर 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। योजना एक दिसंबर 2025 से लागू है, जिसमें अब तक 2.55 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभ ले चुके हैं।
जोन के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती में कुल 9,21,806 उपभोक्ता इस योजना के दायरे में हैं, लेकिन इनमें से 6,66,806 ने अब तक पंजीकरण ही नहीं कराया। विभाग ने पहले चरण में 75 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को आरसी नोटिस भेजकर बिल जमा करने की चेतावनी दी थी। समय सीमा खत्म होने के बाद अब कनेक्शन काटने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। विभाग ने साफ किया है कि बकाया राशि की वसूली तहसील के माध्यम से कराई जाएगी। बकाएदारों के कनेक्शन काटने और दोबारा अवैध रूप से लाइन जोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने अपील की है कि उपभोक्ता राहत योजना में पंजीकरण कराकर बकाया जमा करें। बिजली चोरी या अवैध कनेक्शन जोड़ने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और तहसील से वसूली होगी।
विधायक ने जताई नाराजगी
गौरा विधायक प्रभात वर्मा ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना दिए गांवों की बिजली काटना उचित नहीं है। उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय देकर पंजीकरण का अवसर दिया जाना चाहिए।