गोंडा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में 158 दिन बाद जिला एक बार फिर कोरोना मुक्त हो गया है। बुधवार देर शाम कोरोना से पीड़ित आखिरी मरीज भी अस्पताल से छुट्टी पाकर घर चला गया। वहीं होम आइसोलेशन में रह रहे एक मरीज की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से जिला कोरोना मुक्त हो गया। जिले में कोरोना से 260 लोगों की जान गई और 12,282 लोगों ने संक्रमण का दंश झेला।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद बृहस्पतिवार को जिला कोरोना मुक्त हो गया। जिससे स्वास्थ्य विभाग व जनता ने राहत की सांस ली। बुधवार देर शाम अस्पताल में भर्ती आखिरी कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई तथा होम आइसोलेशन में रहने वाले एक मरीज की भी रिपोर्ट निगेटिव आने से जिले में पांच महीने बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या फिर शून्य हो गई। दो मार्च को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जिले में दस्तक दी। मई व जून में कोरोना संक्रमण अपने चरम पर था। आलम यह था कि अस्पताल में बेड कम पड़ने लगे, ऑक्सीजन के लिए भी मारामारी होने लगी। अकेले दूसरी लहर में 192 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी तथा अब तक कोरोना संक्रमण से कुल 260 लोगों की मौत हुई।
संक्रमण रोकने में कारगर रहा ट्रिपल टी फार्मूला
- कोरोना संक्रमण के बढ़ रही रफ्तार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग का ट्रिपल-टी फार्मूला कारगर साबित हुआ। ट्रेकिंग, ट्रेसिंग और टेस्टिंग फार्मूले से संक्रमण के गति को रोका गया। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर मनोज ने बताया कि मरीजों की हिस्ट्री से पता लगाया गया कि गांवों, कस्बों में वे कहां किस झोलाछाप से इलाज लेते रहे, जिससे समय पर ठीक से उपचार नहीं हो पाया। सघन सर्वे कर ज्यादा टेस्टिंग कराई गई। कई पॉजिटिव मरीजों ने टेस्टिंग नहीं कराई और सीटी स्कैन कराकर निजी अस्पतालों में उपचार लेना शुरू कर दिया था। निजी लैब से सीटी स्कैन कराने वालों का डाटा लेकर संबंधितों की मॉनिटरिंग की गई। संक्रमित व्यक्ति के स्वजनों को घर में ही आइसोलेट करने पर जोर देते हुए घर पर ही टेस्टिंग की व्यवस्था कराई गई।
कोरोना संक्रमण की फैक्ट फाइल
अभी तक कुल जांच हुई-8,51997
अभी तक कुल संक्रमित मिले-12,282
अभी तक कुल मौत-260
अकेले दूसरी लहर में मौत-192
जिले में सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या जरूर शून्य हो गई है, लेकिन अभी कोरोना का खतरा टला नही है। टीकाकरण तथा कोरोना नियमों का पालन करना ही तीसरी लहर से बचने का एक मात्र उपाय है। इसलिए अभी भी मास्क लगाना, सोशल डिस्ट्रेसिंग का पालन करना उतना ही जरूरी है जितना संक्रमण के समय था।
- डॉ. राधेश्याम केसरी, सीएमओ