झंझरी/गोंडा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में निर्माण सामग्री और लेबर की आपूर्ति समेत विभिन्न निर्माण कार्यों के भुगतान के बाद ठेकेदार ने अपने अधीन पेटी डीलर के चार करोड़ रुपये हड़प लिए। मामले में अदालत के आदेश पर नगर कोतवाली में आरोपी फर्म के ठेकेदार समेत तीन के खिलाफ गबन समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इमामबाड़ा छावनी फैजाबाद रोड निवासी भरत गिरि ने नगर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि तिवारी कंस्ट्रक्शन कंपनी पंतनगर के प्रोपराइटर गजेंद्र तिवारी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकृत ठेकेदार हैं। उन्हें ऑयल कंपनी में निर्माण सामग्री, लेबर की आपूर्ति के साथ ही विभिन्न निर्माण कार्यों का ठेका मिला था। भरत गिरी के मुताबिक गजेंद्र तिवारी ने काम कराने के लिए उनके परिचित की कंपनी कोनी सिंहाचलम आईरिस इंफामन डीन श्रीराममूर्ति रेजीडेंसी गुजवाका विशाखापतनम को पेटीडीलर अधिकृत किया था। विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के लिए पानीपत रिफाइनरी टोडियास्पेंट चेन्नई कैलिब्रेशन टावर वर्क, टीटी पार्किंग क्षेत्र में विकास कार्य कराए गए।
गजेंद्र तिवारी ने अभिलेखों में हेराफेरी करके ऑयल कंपनी से चार करोड़, दस लाख, 28 हजार, 469 रुपये का भुगतान ले लिया। भरत का आरोप है कि कोनी सिंहाचलम कंपनी ने सभी काम पूर्ण कराए, लेकिन तिवारी कंस्ट्रक्शन ने कोई भुगतान नहीं किया। जब वह तगादा करने पंतनगर स्थित उनके ऑफिस गए तो गजेंद्र तिवारी, उसके भाई और साथी ने जान से मारने की धमकी दी। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि आरोपी गजेंद्र तिवारी, उसके भाई प्रमोद तिवारी और साथी सीएन मिश्र के खिलाफ में धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है।