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शहर की हवा हुई खतरनाक, बढ़ी धुंध

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गोंडा। देश की राजधानी व प्रदेश की राजधानी में वायू प्रदूषण का लेवल खतरनाक हो गया है। शनिवार को एअर क्वालिटी इंडेक्स में गोंडा की हवा भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। इंडेक्स में गोंडा में 163 एअर क्वालिटी लेवल पहुंच गया और लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती देखी गई।
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इसके पीछे साढ़े तीन लाख से अधिक वाहनों की रफ्तार, प्रदूषण चेक न कराने की आदत तथा ईंट भट्ठों व डीजी सेट से निकल रहे धुएं को कारण माना रहा है। करीब 50 किसानों पर पराली न जलाने का केस भी दर्ज किया गया है। अज्ञात में भी पराली जलाने की करीब 200 घटनाएं हो चुकी हैं।
भारत सरकार की ओर से रोज अपडेट हो रहे एअर क्वालिटी इंडेक्स में शनिवार को गोंडा का वातावरण प्रदूषित रहा। पूरे दिन धुंध छाई रही। दिन का तापमान 29 डिग्री रहा और लोगों को गरमी के साथ सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। यह सामान्य वायू गुणात्मक स्तर से बहुत अधिक रहा।
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केवल पराली जलाने से ही नहीं बल्कि कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण उसे जलाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। मेडिकल कचरे से लेकर सामान्य दिनों में हर घर व संस्थान से निकलने वाले कचरे को भी जलाया जा रहा है। साथ ही शाम से लेकर सुबह तक हो रही ठंड से बचने के लिए अब अलाव भी जलने लगे हैं।
जिले भर में करीब 200 से अधिक ईंट भट्ठों का संचालन तेजी के साथ हो रहा है। इसमें कितने में प्रदूषण रहित चिमनी लगी है इसकी जांच भी नहीं हो रही है। 50 हजार वाहन अनफिट हैं। इसके अलावा थ्री व्हीलर की संख्या बहुत अधिक है। ये शहर की सड़कों पर धुआं उगलते हुए चलते हैं।
जिले में इतने ही डीजी सेट लगे हैं तो धुआं उगल रहे हैं। छोटे जनरेटर तो धुएं का गुब्बार छोड़ रहे हैं। भारत सरकार के एअर क्वालिटी इंडेक्स में यदि लखनऊ का एअर क्वालिटी लेवल 200 है तो उससे थोड़ा कम गोंडा का 173 है। एक सप्ताह तक अभी स्थिति खराब रहने का अनुमान है।
सुबह कोहरा, दिन में धुंध छाया रहा
शुक्रवार की शाम से ही मौसम बदलने लगा था। शनिवार की सुबह जबर्दस्त कोहरा छाया था। लेकिन दिन निकलने के बाद आसमान साफ रहने के बजाए धुंध छाया रहा, जबकि आसमान साफ था और कहीं बादल भी नजर नहीं आ रहे थे।
कृषि विज्ञान केंद्र गोपालग्राम के वैैैज्ञानिक डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि धुंध रहने के कारण शनिवार का तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। मौसम में 22 प्रतिशत आद्रता रही। 7.7 किलोमीटर प्रति घंटे से हवा चली। इससे रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है।
क्या है एअर क्वालिटी लेवल
0-50 एअर क्वालिटी स्तर अच्छा मना जाता है।
51-100 माडरेट यानि प्रभावित करने वाला होता है।
101-150- किसी बीमारी से प्रभावित लोगों के लिए खतरनाक होता है।
151-200 तक सभी के लिए खतरनाक होता है। इसे अनहेल्दी श्रेणी में रखा गया है।
वायू प्रदूषण से बचने के उपाय
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. समीर गुप्त कहते हैं कि धुंध छाए रहने से सांस फूलने की समस्या हो सकती है। वातावरण में धुंध छाई हुई है। इससे लोगों को बचने की जरूरत है। वह कहते हैं कि लोगों को कम से कम वाहन का प्रयोग करना चाहिए। धुआं उगलने वाले वाहनों पर रोक लगनी चाहिए। लोगों को मास्क लगाना चाहिए। एअर प्यूरीफायर का प्रयोग करना चाहिए। पराली, कूड़ा कचरा आदि को जलाने से परहेज करना चाहिए।
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