जिले भर में सोमवार को चेहल्लुम का जुलूस अकीदत व गमगीन माहौल में निकाला गया। अलग-अलग अंजुमन व मोहर्रम कमेटियों की ओर से चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में अकीदतमंदों ने या अली या हुसैन की सदाएं बुलंद कर पैगंबर के घराने के लोगों को कर्बला में शहादत पाने की याद में अपने गम का इजहार किया।
इस बार मोहर्रम व दुर्गा पूजा एक साथ पड़ जाने के दौरान हुए बवाल के बाद लोगों ने मोहर्रम नहीं मनाया था। इससे ताजिए लोगों के घरों पर रखे रहे। चालीसवें में रविवार को लोगों ने चौक पर ताजिया रखा।
सोमवार को अलग-अलग मोहल्ले से चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। सिविल लाइन एरिया से हाफिज निजाम कादरी, सैयद सलमान वारसी, फारूक अली, भोंदे, सिराज मिस्त्री आदि की अगुवाई में जुलूस निकाला गया।
तिवारी पुरवा बस स्टाप एरिया से रहमत अली कादरी की अगुवाई में जुलूस निकाल कर इनकैन चौराहा होकर कर्बला ले जाया गया। जबकि शहर के इमामबाड़ा व मेवातियान आदि इलाके से मोहर्रम कमेटी के सदर मेंहदी रजा, वली मोहम्मद आदि की अगुवाई में जुलूस को फैजाबाद रोड, मुन्नन खां चौराहा होकर कर्बला ले जाया गया। इसी तरह से बडग़ांव में जान मोहम्मद की अगुवाई जूलस निकाला गया। दोपहर बाद शहर के सकुर्लर रोड स्थिति कर्बला में ताजिए दफनाए गए।
उधर, चेहल्लुम जलूस को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे शहर में अलग-अलग चार बड़े एरिया से निकलने वाले जुलूस को लेकर दूसरे थानों की पुलिस को भी बुलाई गई थी। इसके अलावा मजिस्ट्रेट समेत आधा दर्जन से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों को निगरानी में लगाया गया था।
शहर में शिया समुदाय की ओर से भी चेहल्लुम का जुलूस गमगीन माहौल में निकाला गया। अंजुमन इमामबाड़ा से इमामबाड़ा के सदर डॉ. आजम हुसैन आब्दी की अगुवाई में जुलूस निकाला गया। अंजुमन के अजादारों ने या हुसैन या अली की सदाओं के बीच जंजीरी मातम कर हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों के कर्बला में शहीद किये जाने पर अपने गम का इजहार किया। बड़ी तादाद में लोगों ने शहीदाने कर्बला की याद में नौहाख्वानी व मरसिया पढ़ा। करबला में ताजिये दफन किए।