गोंडा। जिले में आधी अधूरी तैयारी के साथ गेहूं खरीद के पहले दिन शुक्रवार को अव्यवस्था हावी रही। क्रय केंद्रों पर बैनर लटकाकर खरीद शुरू करने की खानापूर्ति तो कर दी गई लेकिन बारदाना, बोरा, पंखा आदि की व्यवस्था न होने के साथ ही किसानों के लिए शामियाना, पेयजल व बैठने आदि इंतजाम नहीं रहा। किसानों की माने तो अभी खेतों में गेहूं की कटाई चल रही है। इस कारण भी किसानों को केंद्र पर पहुंचना कम रहा।
जिले में शुक्रवार से सरकारी दर से गेहूं खरीद शुरू हो गई। शासन ने जिले को 98 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। जिसके लिए पांच एजेंसियों के 90 क्रय केंद्र बनाएं गए हैं। खरीद का पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर गेहूं खरीद की बोहनी नहीं हो पाई। विभाग की ओर से की जाने वाली व्यवस्थाओं का टोटा दिखा। कई केंद्रों पर बोरा, पंखा, कांटा तथा नमी मापकयंत्र नहीं पहुंच पाए। साथ ही केंद्रों पर किसानों को मिलने वाली जरूरी सुविधाएं भी नहीं दिखाई पड़ी।
कटरा बाजार
बिना बारदाना के खरीद करने बैठे प्रभारी
साधन सहकारी समिति बीरपुर कटरा बाजार मे केंद्र पर सन्नाटा छाया रहा। यहां सिर्फ बैनर लगाकर खरीद शुरु करने की खानापूर्ति की गई। बिना बोरा (बारदाना) के केंद्र प्रभारी किसानों का इंतजार करते रहे। गोदाम प्रभारी कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि अभी तक यहां बोरा व मशीन की व्यवस्था नहीं की गई है। पहले दिन कोई किसान केंद्र पर नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि गेहूूं की कटाई शुरू नहीं हुई है।
धानेपुर
टूटे झरने व बिना संसाधन के खरीद
साधन सहकारी समिति धानेपुर में बिना संसाधन के गेहूं खरीद के पहले दिन की शुरुआत हुई। यहां पर सचिव राजेश्वरी सिंह ने बताया की अभी यहां नमी मापक यंत्र, बोरा, पंखा आदि उपलब्ध नहीं हुआ है, जो झरना मिला है वो भी टूटा हुआ है। विभाग की ओर से बिना तैयारी के खरीद शुरू कर दी गई। अभी तक कोई किसान गेहूं लेकर केंद्र तक नहीं पहुंचा।
परसपुर
नहीं मिला बोरा, शुरू हो गई खरीद
-परसपुर के सहकारी समिति आंटा में बनाया गया क्रय केद्र पर पहले दिन बोरा तक नहीं पहुंच सका। केंद्र पर बैनर लगाकर खरीद शुरु करने की खानापूर्ति की गई। केंद्र प्रभारी कमलपति त्रिपाठी ने बताया कि आज पहले दिन कोई किसान धान बेंचने नहीं आया, लेकिन जरुरी संसाधन नहीं मुहैया कराए गए। अभी तक अधिकांश किसानों के गेहूं की कटाई नहीं शुरु हुई इसलिए अगले सप्ताह से खरीद तेज होने की संभावना है। वहीं गेंहू क्रय केंद्र करदा में प्रभारी ने बताया कि अभी तक एक भी बोरा नहीं भेजा गया है। ऐेसे में कोई किसान आए भी तो कैसे गेहूं खरीद हो सकेगी। विपरण के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश नमी मापक यंत्र, पंखा, तौल कांटा, झन्ना उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं।
मसकनवा में बैठने तक का ही इंतजाम नहीं
मसकनवा(गोंडा) विकास खंड छपिया में केवल एक गेहूं क्रय केंद्र मसकनवा बाजार के निकट बनाया गया है। यहां कर्मचारियों को बैठने तक का इंतजाम नहीं था। तीन कर्मचारी जमीन पर बोरा बिछाकर किसानों का इंतजार करते दिखाई पड़े। क्रय केंद्र प्रभारी घनश्याम ने बताया की आज से क्रय केंद्र खोल दिया गया है। बोरों की सिलाई के लिए मशीन, कांटा, जेनरेटर आदि की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। गेहूं की कटान अभी शुरू न होने से किसान ने अभी तक गेहूं बेचने के लिए संपर्क नहीं किया है।
इनसेट
क्रय संस्था क्रय केंद्रों की संख्या
खाद्य विभाग 13
पीसीएफ 14
पीसीयू 38
यूपीएसएस 24
भारतीय खाद्य निगम 01
जिले में 90 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेेहूं की खरीद शुक्रवार से शुरु हो गई है। शासन की ओर से 98 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे। किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्र के बाहर छाया, पानी, बाल्टी आदि की व्यवस्था करने के निर्देश केंद्र प्रभारी को दिए गए हैं। अभी गेहूं की कटाई व मड़ाई नहीं हो रही है। इस कारण भी केंद्र सूने रहे। प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ