मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार/तत्कालीन एमडी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कृपाल सिंह की बैठक में गुरुवार को आरजीजीवाई योजना में विद्युतीकरण कर रही कार्यदायी संस्था वैरीगेट नहीं पहुंची। वहीं, इसी योजना में काम कर रही एक अन्य फर्म समाज कल्याण विद्युतीकरण के मसले पर ऊर्जा सलाहकार को संतुष्ट नहीं कर पाई।
इससे नाराज मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह ने जहां वैरीगेट को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है, वहीं आरजीजीवाई में विद्युतीकरण करने वाली दोनों फर्मों को कार्य में ढिलाई बरतने पर एफआईआर के साथ जेल भेजने तक की चेतावनी दी है।
अगले साल अक्तूबर से प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को 16 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 18 घंटे, जिला मुख्यालयों को 20 घंटे व कवाल टाउन और कमिश्नरी हेडक्वार्टरों को 24 घंटे बिजली देने का एलान कर रखा है।
इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन का पूरा अमला उत्पादन, वितरण और पारेषण खंड के नेटवर्क को सुधारने में जुटा है। इसके लिए जहां 220 केवी से लेकर 132 केवी और 33 केवी के नए बिजली घर बनाए जा रहे हैं।
वहीं बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के साथ एटीएंडसी लॉस को कम कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में तारा-एक, दो, तीन के नाम से कांबिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
गुरुवार को पावर कॉर्पोरेशन के इन्हीं सब कामों की समीक्षा करने गोंडा आए मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह ने जिला पंचायत सभागार में मंडल के चार जिलों के बिजली अभियंताओं व बाबुओं के साथ समीक्षा बैठक की।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री की लोगों को 24 घंटे बिजली देने की मंशा साफ करते हुए कॉर्पोरेशन के मातहतों से हर हाल में इस मिशन को सफल बनाने की अपील की।
साथ ही जिले में ग्रामीण विद्युतीकरण का काम कर रहीं दो फर्मों वैरीगेट व समाज कल्याण को चेतावनी दी कि अगर वह समय से अपना काम पूरा नहीं करती हैं तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।