सर्किट हाउस में डीएम प्रियंका निरंजन व एसपी अभिषेक से बात करते कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद।
गोंडा। बर्तन व्यवसायी विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को सर्किट हाउस में उस समय माहौल गरमा गया, जब कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने भारी पुलिस बल की तैनाती देख अफसरों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। मंत्री ने कहा, इतनी पुलिस फोर्स क्यों लगाई गई है? हमारे लोग गुंडे-बदमाश या अपराधी हैं क्या?”। जहां पुलिस फोर्स लगानी चाहिए, वहां तो लगाई नहीं। इसके बाद उन्होंने अफसरों से पूछा कि सरकार को बदनाम करने की साजिश क्यों की जा रही है।
मंत्री सुबह 10:26 बजे सर्किट हाउस पहुंचे। उनके स्वागत के लिए जिला स्तरीय अधिकारी बुके लेकर खड़े थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती देखकर मंत्री भड़क गए। उन्होंने डीएम और एसपी से पुलिस बल लगाने का कारण पूछा। मंत्री ने यह भी सवाल किया कि सपा के पूर्व मंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति कैसे दी गई। आपकी एलआईयू क्या कर रही थी। क्यों सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।
मंत्री के तेवर तल्ख होते ही सर्किट हाउस में मौजूद कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया गया। इसके बाद करनैलगंज के भाजपा विधायक अजय सिंह, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, पुलिस अधीक्षक अभिषेक समेत अन्य अधिकारियों के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटे तक बैठक चली। बैठक के दौरान सर्किट हाउस के बाहर निषाद पार्टी के कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। कार्यकर्ताओं ने “मुख्यमंत्री से बैर नहीं, अधिकारियों की खैर नहीं” के नारे लगाए। इस दौरान विनोद साहनी हत्याकांड में आरोपियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठती रही। मंत्री करीब दो घंटे 29 मिनट तक जिले में रहे। उन्होंने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हत्याकांड में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।