गोंडा। अनामिका शुक्ला के नाम पर विभाग में हुए फर्जीवाड़े और करोड़ों रुपये की बंदरबांट में फंसे बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस सैयद कमर हसन रिजवी की बेंच एक सितंबर 2025 को याचिका पर सुनवाई करेगी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने समाजसेवी प्रदीप कुमार पांडेय द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र को 18 अगस्त 2025 को स्वीकार कर बीएसए समेत सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। नगर कोतवाली पुलिस मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही है। बीएसए ने इस एफआईआर को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचना की है।
ये है पूरा मामला
आवास विकास कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार पांडेय ने बीएसए अतुल तिवारी, पटल लिपिक सुधीर सिंह, वित्त एवं लेखा अधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित, पटल लिपिक अनुपम पांडेय, भैया चंद्रभान दत्त स्मारक लघु माध्यमिक विद्यालय टेंगरहा के प्रबंधक दिग्विजयनाथ पांडेय, प्रधानाचार्य व अन्य अज्ञात को पक्षकार बनाते हुए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में एक सिंडिकेट कार्य कर रहा है। जो विभाग से युवाओं का डाटा हथियाकर विभिन्न विद्यालयों में फर्जी तरीके से नियुक्ति करके वर्षों से करोड़ों रुपये का गबन कर रहा है। खरगूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भुलईडीह निवासी अनामिका शुक्ला के शैक्षिक अभिलेखों का दुरुपयोग कर शिक्षा विभाग के सिंडिकेट ने कई लोगों की नियुक्ति की और करोड़ों रुपये सरकारी धन का बंदरबांट किया।
अनामिका शुक्ला ने विभाग में आकर कहा कि वह नौकरी नहीं कर रही हैं। बताया कि साल 2017 में उन्होंने कस्तूरबा गांधी विद्यालय में शिक्षक के पद के लिए आवेदन किया था। साल 2020 में अनामिका शुक्ला ने नगर कोतवाली में केस भी दर्ज कराया। इसी साल अनामिका शुक्ला की नियुक्ति सहायता प्राप्त विद्यालय भैया चंद्रभान दत्त स्मारक लघु माध्यमिक विद्यालय रामपुर टेंगरहा तरबगंज के प्राइमरी अनुभाग में कर दी गई। मगर बाद में पता चला कि वह साल 2017 से ही विद्यालय में सेवारत है। नौ जनवरी 2025 को भी विभाग द्वारा अनामिका के खाते में वेतन भेजा गया है। जबकि वित्त एवं लेखाधिकारी का कहना है कि यह वेतन संशोधन पत्र व अगस्त 2024 को मिलने वाले वेतन के आधार पर निर्गत किया गया है। बीएसए ने भी बताया कि शिक्षिका अनामिका शुक्ला के वेतन के संबंध में कोई प्रस्ताव अथवा बिल वित्त एवं लेखाधिकारी को नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में मौजूद डिस्पैच रजिस्टर में शिक्षिका अनामिका शुक्ला के विज्ञापन की अनुमति व अनुमोदन के संबंध में भी तत्कालीन बीएसए द्वारा कोई अंकना नहीं की गई है। बीते 18 अगस्त 2025 को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिया। इस पर केस दर्ज कर नगर कोतवाली पुलिस विवेचना कर रही है।