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छह सप्ताह में सौ फीसदी किशोरों को मिल गया सुरक्षा कवच

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फोटो-5 गोंडा के सीएमओ कार्यालय पर कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाती स्वास्थ्यकर्मी। (संवाद) - फोटो : GONDA
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गोंडा। कोरोना संक्रमण से जंग में सुरक्षा कवच माना जाने वाला कोरोनारोधी टीका को लेकर जहां बड़े-बुजुर्ग ढिलाई बरत रहे हैं, वहीं कोरोना संक्रमण को हराने के लिए जिले के किशोरों ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया है। अभियान शुरू होने के मात्र छह सप्ताह में शत प्रतिशत किशोरों ने टीके की पहली डोज ले ली है। 15 वर्ष से 17 वर्ष आयुवर्ग वाले दो लाख 40 हजार 841 लोगों का टीकाकरण किया जाना था।
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शुक्रवार तक दो लाख 40 हजार 970 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी। वहीं जिले में सतर्कता डोज लेने वालों की संख्या 29 हजार से अधिक हो गई है। प्रदेश के साथ जिले में भी किशोरों के लिए टीकाकरण अभियान तीन जनवरी को शुरू हुआ था। पहले दिन से ही इसमें किशोरों में उत्साह देखने को मिला। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 15-17 वर्ष के आयु वर्ग में शत प्रतिशत किशोरों ने पहली डोज ले ली थी। यह सभी वर्गों में सबसे तेजी के साथ डोज लेने वाला वर्ग है।
29 हजार लोगों ने लगवाई सतर्कता डोज
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 29 हजार लोग अब तक कोरोनारोधी वैक्सीन की तीसरी खुराक यानि सतर्कता डोज लगवा चुके हैं। स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन कर्मियों के अलाव 60 साल से अधिक आयु वाले ऐसे लोग जिन्होंने 90 दिन पहले वैक्सीन की दूसरी खुराक लिया है उनको सतर्कता डोज लगाया गया। विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने वाले अन्य कर्मियों को भी फ्रंट लाइन वर्कर मानकर सतर्कता डोज दी गई है। सतर्कता डोज लेने वालों में 14,245 हेल्थ केयर वर्कर, 13,017 फ्रंट लाइन वर्कर के अलावा 60 साल से अधिक आयुवर्ग वाले 7987 लोग शामिल है।
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सीएमओ कार्यालय समेत 167 स्थानों पर टीकाकरण
जिला अस्पताल, महिला अस्पताल तथा सीएमओ कार्यालय सहित टीकाकरण के 167 सत्र आयोजित किये गए हैं। अभी तक 27 लाख 06 हजार 656 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक, 18 लाख 92 हजार 710 लोगों को दूसरी खुराक तथा 29 हजार 170 लोगों को वैक्सीन की तीसरी खुराक यानी सतर्कता डोज दिया जा चुका है। नियत समय बीत जाने के बावजूद वैक्सीन की दूसरी खुराक न लेने वालों को फोन कर वैक्सीन न लगवाने का कारण पूछा जा रहा है।
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