गोंडा। परिषदीय स्कूलों के छात्रों को मिलने वाली योजनाओं का अनुदान मिलने के बाद अभिभावकों ने सामग्री नहीं खरीदी थी। जिसकी खबर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ‘40 करोड़ का अनुदान अभिभावकों ने लिया, नहीं खरीदी सामग्री’ शीर्षक से प्रकाशित कर खुलासा किया था। शासन ने बृहस्पतिवार को ही मामले का संज्ञान लेते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिले के 2628 स्कूलों समेत प्रदेश के सभी एक लाख 34 हजार 298 स्कूलों में सामग्री क्रय करने के लिए अभिभावकों को जागरूक कर अभियान चलाने का आदेश दिया है। इसके लिए प्रति विद्यालय एक हजार रूपये और प्रचार सामग्री के लिए प्रति छात्र 50 पैसे की दर से बजट जारी किया गया है।
बीते शैक्षिक सत्र में जिले के 2628 स्कूलों के चार लाख 11 हजार 550 छात्रों के लिए 45 करोड़ से अधिक का बजट सामग्री क्रय करने के लिए अनुदान भेजा गया था। जिसमें तीन लाख 69 हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों में 40 करोड़ के करीब का बजट भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक अभिभावकों की ओर से सामग्री क्रय नहीं की गई है। अब नए सत्र में भी बच्चों की सामग्री के लिए अनुदान अभिभावकों के खाते में जाना है। जिसमें पुराने छात्रों को तभी अनुदान मिलेगा, जब उनके अभिभावकों ने 2021-22 के सत्र में सभी सामान खरीदे हों।
बच्चों को सामग्री देने के लिए अभिभावकों के बैंक खातों में दो जोड़ी यूनीफार्म के लिए 600 रुपये, जूता मोजा के लिए 125 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये और बैग के लिए 175 रुपये कुल मिलाकर 1100 रुपये प्रति छात्र की दर से बजट दिया गया था। अभिभावकों ने बजट तो ले लिया, लेकिन महंगाई का हवाला देकर सामग्री नहीं ली। अब शासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए जिले को 28 लाख 33 हजार रुपये जारी किए गए हैं। वहीं पूरे प्रदेश के स्कूलों में जागरूकता बैठक के लिए 13 करोड़ 42 लाख 98 हजार रुपये का बजट जिलों को भेजा गया है। सभी बीएसए को निर्देश दिया गया है कि सामग्री क्रय की जागरूकता के साथ ही अन्य अभियान के बारे में अभिभावकों को जागरूक किया जाए। (संवाद)
सामग्री क्रय करें अभिभावक
स्कूलों के बच्चों की सामग्री के लिए अभिभावकों को बजट दिया गया है, सामग्री न लिए जाने के मामले पर शासन ने जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा। जिससे वह सामग्री क्रय करें। विनय मोहन वन, सहायक शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल