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सरयू में पलटी नाव : पीपा का पुल बना हादसे की बड़ी वजह

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गोंडा। उमरीबेगमगंज क्षेत्र के ऐली परसौली के टेपरहनपुरवा में मंगलवार को यात्रियों से भरी नाव पलटने के पीछे निर्माणाधीन पीपे का पुल बड़ा कारण बताया जा रहा है। डीएम डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि नाव के निर्माणाधीन पुल से टकराने के बाद ये हादसा हुआ। जिन लोगों को हादसे में बचाया गया है उन्होंने बताया कि पुल से टकराने के बाद नाव अनियंत्रित हो गई थी।
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लोगों को गोंडा से अयोध्या के रुदौली और बाराबंकी के कई गांवों में जाने की सहूलियत के लिए कुछ साल पूर्व यहां पीपे का पुल बनाया गया था। ये पुल बारिश और बाढ़ के मौसम में खोल दिया जाता है। बाढ़ खत्म होने के बाद फिर से इसे बांधा जाता है। बताया जा रहा है कि पुल को बांधने में हर साल लापरवाही बरती जाती है। इस पीपे के पुल को पहले ही बांध दिया जाना था, लेकिन टेंडर में लापरवाही के चलते ये पुल अभी तक खुला हुआ था। अभी कुछ दिन पहले ही इसे ठीक करने का काम शुरू हुआ।
मंगलवार को जब नाव पुल के पास से गुजर रही थी तो पुल के हिस्से में नाव की टक्कर हुई, जिससे यात्रियों से भरी नाव अनियंत्रित हो गई। नाव के चालक ने काफी संभालने की कोशिश की, लेकिन नाव नदी के बीच में पहुंचने के बाद पलट गई। लोगों की मानें तो अगर समय से पुल का निर्माण करा दिया गया होता तो शायद ये हादसा बच सकता था।
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घटना के पीछे अयोध्या के रुदौली से लोगों को ऐली परसौली लेकर आ रही नाव के ओवरलोड होने को एक कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि नाव पर अधिक लोगों के सवार होने के नाते पीपे के पुल से टकराने के बाद उसे संभाला नहीं जा सका है। इससे काफी कोशिश के बाद भी नाव कुछ दूर जाकर पलट गई।
नाव पलटने की घटना के बाद ऐली परसौली के एक युवक ने नाव से सात लोगों की जान बचाई। ऐली गांव के अरुण यादव नाव लेकर तुरंत ही सरयू नदी में गये और वहां 4 बच्चों समेत सात लोगों को डूबने से बचा लिया। उसके इस साहसिक प्रयास को सब सराह रहे हैं।
लापता लोगों की खोजबीन करने के लिए आई एसडीआरएफ टीम में उड़ीसा से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त नदी की गहराई में जाने वाले तीन गोताखोर भी इस टीम में शामिल हैं। लाइफ बाय, लाइफ जैकेट, रबर बोट और सिंकर भी जैसे संसाधन भी टीम के साथ हैं।
ऐली परसौली के प्राथमिक विद्यालय में तैनात अयोध्या के रुदौली निवासी शिक्षक संदीप गुप्ता अमूमन रोजाना समय से स्कूल आ जाते थे। बताया जा रहा है कि रोज नाव समय से आ जाती थी, लेकिन मंगलवार को नाव देर में आई और भीड़ अधिक होने से ज्यादा लोग एक ही नाव पर सवार हो गये। मंगलवार को गोंडा के पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक शिक्षक की पत्नी रूपम रो-रोकर यही कर रही थी कि रोज तो जाते थे, लेकिन आज देरी हो गई थी तो लौट आये होते तो शायद ये न होता।
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