गोंडा। जिले के एलबीएस पीजी कॉलेज समेत अन्य 11 कॉलेजों के टेक्निकल और प्रोफेशनल्स कोर्सेस में बायोमीट्रिक व फेश ऑथंटिकेशन अटेंडेंस अनिवार्य किया गया। इसको लेकर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में जिला पिछड़ा वर्ग विभाग की ओर से बैठक कर व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए रणनीति तैयार की गई है।
शासन स्तर से छात्रवृत्ति योजना के तहत आधार आधारित बायोमीट्रिक और फेश ऑथेंटिकेशन अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में समूह-एक के पाठ्यक्रम में ही प्रभावी किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिले के एलबीएस और राजकीय महाविद्यालय भावनीपुर कला समेत कुल 11 कॉलेजों में बीएएमएस, बीबीए, बीसीए, बीफार्मा, एम. फार्मा और बीटेक जैसे टेक्निकल और प्रोफेशनल कोर्स संचालित हो रहे हैं। इसके लिए जिले में श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड कंपनी को नामित किया गया। नामित संस्था प्रत्येक महीने कॉलेजों से बायोमीट्रिक व फेश ऑथंटिकेशन अटेंडेंस छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। बायोमीट्रिक उपस्थिति पर होने वाला खर्च संबंधित महाविद्यालय व विश्वविद्यालय को ही वहन करना होगा। कुल मिलाकर 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति होने पर ही छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की जाएगी। व्यवस्था लागू होने के बाद शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य किया गया है। मगर इससे पहले एलबीएस समेत कॉलेज में छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। प्रभावी नहीं हो सकी है। हालांकि, पिछड़ा वर्ग विभाग की ओर से कोर्स के आधार पर निजी, राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में व्यवस्था लागू हुई है।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार ने बताया कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लाभ के लिए 75 प्रतिशत बायोमीट्रिक व फेश ऑथंटिकेशन अटेंडेंस अनिवार्य किया गया। इसके बाद ही पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति हो जाएगी।