गोंडा। संसद के शीतकालीन सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लाने व बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर गुरुवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। जिससे जिले में करीब दो सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मियों के हड़ताल से जिले की सभी राष्ट्रीयकृत शाखाओं में कामकाज ठप रहा। पहले दिन शाम तक 70 फीसदी एटीएम खाली हो गए। ऐसे में खाताधारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बंदी के पहले दिन करीब दो सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन जिले के सभी शाखाओं में ताला बंद रहा।
हड़ताल के समर्थन में इंडियन बैंक मुख्य शाखा के परिसर में कर्मचारियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। सभी ने सरकार के निजीकरण की नीति व बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक खिलाफ नारेबाजी की। केनरा बैंक प्रांतीय प्रतिनिधि सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की निजीकरण की नीति का विरोध जारी रहेगा।
यह संगठन कतई हितकारी नहीं है। यदि सरकार ने ऐसे ही अड़ियल रवैया अपनाए रखा तो लड़ाई आर-पार की होगी। इस प्रदर्शन में इंडियन बैँक इंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सलीम अहमद, डीएन सिंह, अमित कुमार, सैफुद्दीन, राहुल तिवारी, कौशल यादव, राकेश कुमार आदि रहे।
पहले दिन ही खाली हो गए 70 फीसदी एटीएम
बैंकों के हड़ताल से पहले दिन शाम तक धन निकासी की सुविधा के लिए लगे 70 फीसदी एटीएम खाली हो गए। कुछ जगह लंबी कतार लगी रही। एलबीएस चौराहा, बड़गांव, आंबेडकर चौराहा पर लगे एटीएम में काफी भीड़ रही। बेलसर के रगड़गंज कस्बे में इंडियन बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं हैं। इनमें लाखों उपभोक्ताओं के खाता का संचालन होता है।
गुरुवार को बैंकों की हड़ताल से हजारों उपभोक्ताओं का लेनदेन प्रभावित रहा। सबसे अधिक समस्या किसानों को हुई। काफी दिनो से डीएपी की कमी चल रही थी हाल ही में डीएपी गोदामों तक पहुंची थी, लेकिन डीएपी आने के बाद बैंक हड़ताल होने से किसानों को बैंक से पैैसा नहीं मिल सका जिससे किसानों को दूसरों से कर्ज लेकर काम चलाना पड़ा। वहीं कारोबारियों का भी बैंक के हड़ताल से कारोबार प्रभावित रहा।