गोंडा। पांच साल की अबोध भांजी की गला दबाकर हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी मामी को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बहराइच के फखरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर जलालपुर निवासी मो. रहीम ने करनैलगंज कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि वह पत्नी सोनी बेगम, बेटी अल्पीया, अल्फीशा व फिजा के साथ अपनी ससुराल ग्राम गौरवाखुर्द साईं तकिया में रहते हैं। उनके बड़े साले रवि अहमद की पत्नी नज्जो सोनी बेगम और बच्चों से झगड़ा करती थी और कहती थी कि तुम लोग अपने घर बहराइच लौट जाओ। 18 अप्रैल, 2022 को भी उसने सोनी बेगम से झगड़ा किया था और रात में पांच साल की बेटी अल्फीशा की गला दबाकर हत्या करके शव गांव के पास तालाब में फेंक दिया था। सुबह तालाब में उसकी लाश मिली थी।
पुलिस ने पुख्ता सुबूत मिलने पर आरोपी नज्जो के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सोमवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सूर्य प्रकाश सिंह ने नज्जो को आजीवन सश्रम कारावास और 22 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।