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शोपीस बने ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम

Tue, 15 Nov 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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बंद पड़़ा एटीएम - फोटो : अमर उजाला
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जिले के ग्रामीण इलाके के एटीएम खस्ताहाल हैं। एटीएम संचालक खूब मनमानी कर रहे हैं। कहीं थोड़ा-बहुत पैसा डाल रहे हैं जो कुछ ही लोगों के निकालने से खत्म हो जा रहा है। जबकि कई इलाके स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक व आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम ऐसे हैं जहां कभी कभी ही पैसा डाला जाता है। कैश की किल्लत से खेतीबाड़ी के अलावा रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए लोगों को काफी दिक्कतें पेश आ रही रही हैं।
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इस समय जबकि रबी सीजन के फसलों के बोवाई का बेहतर समय चल रहा है तब किसान खाली हाथ हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग वहां लगे एटीएम पर ही निर्भर हैं। वह अपने गांव से करीब 6 से 12 किलो मीटर दौड़ कर रोजाना दिन में तीन बार सिर्फ इसलिए एटीएम के चक्कर लगा रहे हैं कि पता नहीं कब पैसा आ जाए और उन्हें एटीएम से पैसा मिल जाए। कई लोगों को अब रोजमर्रा के अलावा दवा, फीस जैसे काम के लिए भी पैसे नही हैं। लेकिन एटीएम संचालक ग्रामीण क्षेत्र के लगे एटीएम पर ध्यान नही देते हैं। 

बालपुर क्षेत्र के स्टेट बैंक के एटीएम पर सुबह से लाइन लग गई थी। एटीएम में पैसा नही होने से लोग कैश आने के इंतजार में लाइन लगाए रखे। मंगलवार को सुबह 10:30 बजे एटीएम में पैसा डाला गया। सुबह से ही लाइन में लगा शिवनाथ नाम का बुजुर्ग गश खाकर गिर पड़ा।
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बेहोशी की हालत में लोग उसे पास के एक क्लीनिक पर ले गए जहां कुछ देर बाद उसे होश आया। शिवनाथ का कहना था कि उसे खेती के काम के लिए पैसे की सख्त जरूरत है। एटीएम पर आसपास के करीब 12 किलोमीटर दूर के ग्रामीण पैसा लेने के लिए लाइन में लगे थे। लेकिन पैसा 3:00 बजे ही एटीएम में खत्म हो गया। इसके बाद लोगों को मायूस लौटना पड़ा। 

स्टेट बैंक का खरगूपुर में एक एटीएम लगा है जिसमें करीब 25 दिन से ताला जड़ा है। इसमें एक भी बार पैसा न डाले जाने से लोग एटीएम की सुविधा से महरूम हैं। इस एटीएम पर करीब 10 किलोमीटर की दूरी तक 20 गांव के लोग आते हैं। कार्डधारक कैश की किल्लत हो जाने से रोजाना तीन टाइम आकर एटीएम बंद देखकर मायूस लौटने को मजबूर हैं। एटीएम से पैसा न निकलने से मायूस लौटे अशफाक खां, शकील अहमद, रवि यादव व विजय सोनकर का कहना था कि रोजाना यह सोचकर यहां देखने आता हूं कि शायद आज एटीएम में पैसा डाला गया हो। लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। जबकि इस वक्त हर तरह की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे की जरूरत है। 
फोटो-10

रोजाना लगाने पड़ रहे तीन-चार चक्कर
कटरा। मैजापुर चीनी मिल स्थित आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम बूथ है। इस बूथ पर करीब 6 से 12 किलोमीटर दूर के लोग निर्भर हैं। इसके अलावा इस एटीएम पर लोग रोजाना तीन से चार चक्कर लगाते हैं। उन्हें इस बात की फिक्र रहती है कि कहीं एटीएम में आज तो पैसा नही आया है।

मोहम्मदपुर गांव के शहजाद, सिंहपुर के राकेश मिश्र, कटरा के इम्तियाज खां का कहना है कि इस समय पैसे की किल्लत है। बैंक में लाइन लगाने पर मात्र दो हजार ही मिल पा रहे हैं। ऐसे में एटीएम से भी पैसा निकालने की मजबूरी है लेकिन यहां के एटीएम में बराबर पैसा नही डाला जाता है। यह एटीएम कल से ही बंद है, आज शाम को पैसा डाला गया है। 

परसपुर में स्टेट बैंक का एटीएम है लेकिन इसमें दो दिन से पैसा नही है। क्षेत्र के ग्रामीण पांच से आठ किलोमीटर दूर से आकर एटीएम बंद होने से वापस लौटने को मजबूर है। एटीएम का संचालन बराबर नही किया जा रहा है। इसी तरह से बेलसर में सिंडिकेट बैंक का एटीएम लगा है जो नौ नवंबर से लगातार बंद चल रहा है। लोग वापस लौट रहे हैं। पैसा न निकलने से लोग परेशान हैं।
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