गोंडा। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में नियुक्ति का मामला बीते साल पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था। एक ही व्यक्ति के नाम से नौ जिलों में चयन का मामला उजागर हुआ था और जिसके नाम से लोगों के चयन हुए थे, वह अनामिका शुक्ला जिले की रहने वाली थी।
बाद में अनामिका शुक्ला ने विभाग में पेश होकर पूरे मामले से पर्दा उठाया था और एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में एसटीएफ ने मामले में कई जिलों से लोगों को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद जिले के 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन अब पेंच फंस गया है। माना जा रहा है कि विभाग समन्वयक ने आवेदनों में हेराफेरी होने की आशंका जताई है। इसके बाद अब 78 पदों पर चयन प्रक्रिया रोक दिया गया है।
बेसिक शिक्षा के 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में 78 पदों पर नियुक्ति का मामला फंस गया है। मार्च माह से शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई। बीच में बेसिक शिक्षा विभाग में आपसी रार में पूरी प्रक्रिया संदेह से घिर गई है। इससे 551 आवेदकों की उम्मीदों को झटका लगा है।
विभागीय अधिकारी अब पुराने आवेदनों पर चयन प्रक्रिया पूरी करने को तैयार नही हैं। तत्कालीन जिला समन्वयक रजनी श्रीवास्तव की ओर से आवेदनों में हेराफेरी की आशंका जताने के बाद प्रक्रिया निरस्त करने की तैयारी हो रही है। इसके बाद नये सिरे नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहले से ही विवादों से घिरी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में नई नियुक्तियां अब बहुत ही सावधानी के साथ प्रशासन करना चाह रहा है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता की कमेटी को नियुक्ति करनी है, ऐसे में छोटा सा सवाल भी नियुक्तियों पर भारी पड़ जा रहा है। माना जा रहा है अब नई नियुक्तियां इस साल नही हो पाएंगी। इससे कई बेरोजगार को भी रोजगार मिलने की उम्मीद नही है।
जिले के 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में पदों के रिक्त होने से पढ़ाई के साथ ही कई तरह के कार्य प्रभावित चल रहा है। चयन होने से स्कूलों में व्यवस्था और बेहतर होती। कस्तूरबा स्कूलों में पूर्ण कालिक शिक्षिका के 42 पद, अंशकालिक शिक्षक के 22 पद, उर्दू शिक्षक के तीन पद, मुख्य रसोइया के एक, सहायक के चार और चपरासी के दो पदों पर नियुक्ति होनी है।
एक साल होने को है और अभी तक इन पदों पर नियुक्ति नही हो पाई है। बताया जा रहा है कि इससे स्कूलों का संचालन प्रभावित है। अब इस साल तो नियुक्ति होने से रही, जनवरी से आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब मार्च के बाद ही चयन की प्रक्रिया शुरू होने के आसार हैं।