गोंडा में 12वीं के छात्र की हत्या से परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने शव रखकर सड़क जाम कर दी। घंटों हंगामा चलता रहा। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारी उन्हें समझाते रहे। बाद में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से फोन पर हुई वार्ता के बाद जाम खत्म हो सका।
यूपी के गोंडा में बुधवार रात गोली मारकर 12वीं के छात्र की हत्या कर दी गई। घटना से परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। इससे ढेमवा मार्ग पर जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने में जुटी रही। बाद में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से फोन पर हुई वार्ता के बाद जाम खत्म हो सका।
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गांव निवासी रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि उनका बेटा अंशुमान सिंह (17) नगर के श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। एक साल पहले अंशुमान का किसी बात को लेकर दोस्तों से विवाद हो गया था। मगर, बाद में सभी ने आपस में दोस्ती कर ली थी। गांव निवासी एक किशोर बुधवार रात करीब 10 बजे अंशुमान को घर से बुलाकर बाइक से लेकर चला गया। ढेमवा-रांगी मार्ग पर मरहमपुर के पास निर्जन स्थान पर पहले से मौजूद दो दोस्तों के साथ मिलकर उसने अंशुमान को गोली मार दी।
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घायल अवस्था में 300 दूर स्थित एक घर पहुंचा था अंशुमान
गोली लगने के बाद अंशुमान किसी तरह भागकर 300 मीटर दूर स्थित यज्ञ नारायण श्रीवास्तव के घर पहुंचा। उन्होंने अंशुमान को घायल देखकर परिजनों को फोन करके सूचना दी। परिवार के लोग उसे सीएचसी ले गए। चिकित्सक ने देखते ही उसे अयोध्या मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने अंशुमान को मृत घोषित कर दिया।
मृतक के चाचा व गोरखपुर के बांसगांव थाने में तैनात आरक्षी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि गोली लगने के बाद भतीजे ने उन्हें फोन करके बताया था। वह रात में ही घर के लिए निकल लिए थे। बृहस्पतिवार सुबह फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
पोस्टमार्टम के बाद शाम अंशुमान का शव घर पहुंचा। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने ढेमवा मार्ग जाम कर दिया। घर के सामने शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। बाद में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आक्रोशित ग्रामीणों से फोन पर बात की। करीब 45 मिनट बाद जाम खत्म हो सका।
थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि रविप्रकाश सिंह की तहरीर पर दो बाल अपचारियों समेत गांव निवासी विशेष प्रताप सिंह, रजवंत सिंह व अखिलेश सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एक बाल अपचारी को संरक्षण में लेकर पूछताछ की जा रही है। एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि एहतियातन गांव में पीएसी लगाई गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यज्ञनारायण श्रीवास्तव ने बताया कि गोली लगने के बाद अंशुमान भागकर उनके घर पहुंचा था। अंशुमान के शोर मचाने पर वहां आसपास के लोग एकत्र हो गए। सड़क पर दूर खड़े दो हमलावर भीड़ को देखकर भाग निकले। यही नहीं, गोली लगने के बाद अंशुमान का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें वह घटना के बारे में परिजनों को बता रहा है।
परिवार में मचा कोहराम
अंशुमान दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई आदित्य घर पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता है। पिता रवि प्रकाश सिंह किसान और मां सिंधुजा गृहिणी हैं। दादा राम प्रताप सिंह व दादी उमा के साथ ही परिवार के सभी लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसरगंज सांसद ने दिया कार्रवाई का भरोसा
बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे कैसरगंज सांसद करण भूषण शरण सिंह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों ढांढ़स बंधाते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। सांसद को परिजनों ने बताया कि मामूली विवाद की रंजिश में दोस्तों ने ही अंशुमान की हत्या कर दी। दोस्ती में विश्वासघात किया, अब कौन दोस्ती का भरोसा करेगा।