गोंडा। आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद राज्य विश्वविद्यालय की स्वीकृति के साथ ही करोड़ों की सौगातों पर ब्रेक लग गया है। शहर की तीन बड़ी सड़कों के साथ ही बाईपास की योजना पर पानी फिर गया है। माना जा रहा है कि अब नई स्वीकृतियां जारी नही हो पाएंगी।
इन कार्यों की शुरुआत आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले हुआ है वही कार्य हो पाएंगे। जिले में दो रेलवे ओवर ब्रिजों की स्वीकृति तो हो गई है, लेकिन अब निर्माण शुरू होने में अड़चन दिख रही है। सरकारी किसी भी योजना को शुरू नही किया जा सकेगा, जो परियोजनाएं संचालित हैं उसी पर अमल होगा।
शासन स्तर पर जिले में राजकीय विश्वविद्यालय के स्थापना की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। परसपुर के डोमाकल्पी में 58 एकड़ भूमि भी तय हो गई थी, लेकिन कुछ कारणों से निर्माण की स्वीकृति फंसी थी।
इसके लिए बीते दिनों गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निर्माण की स्वीकृति जारी करने की मांग किया था। लेकिन उस पर समय से निर्णय नही हो सका है और अब स्वीकृति जारी नही हो पाएगी। जिले में दो रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति तो मिल गई है, 115 करोड़ से कार्य होने हैं।
निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। शहर में 10.59 करोड़ रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण प्रक्रिया चल रही थी। इसके निर्माण की शुरुआत नही हो सकी है, ऐसे में इनके निर्माण शुरू होने पर पानी फिरता दिख रहा है। शहर से बाहर बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव भी फाइलों में रह गया है।
इसको लेकर काफी उम्मीदें थीं। इसके लिए भी नई सरकार का इंतजार करना होगा। इस तरह कई परियोजनाओं को लेकर प्रक्रिया चल रही थी। जो अब शुरू होने में वक्त लगना तय है।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कण्डेय शाही ने सातों विधानसभाओं के चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि एक फरवरी मंगलवार को निर्वाचन की अधिसूचना जारी होगी।
नाम निर्देशन 8 फरवरी तक, नाम निर्देशनों की जांच 9 फरवरी को और नाम वापसी 11 फरवरी को होगा और मतदान 27 फरवरी को होगा। मतगणना 10 मार्च को होगा। इसके साथ ही बंदिशें भी लागू कर दिया है। अब कोई सरकारी कार्यक्रम नही होंगे और न ही सरकार की उपलब्धियों का प्रचार होगा।
उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने वाले अभ्यर्थी की आयु कम से कम 25 वर्ष की आयु होनी चाहिए। सामान्य जाति के लिए नामांकन शुल्क दस हजार मात्र तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए पांच हजार रुपये की धनराशि जमानत के रूप में जमा करनी होगी। यह धनराशि ट्रेजरी चालान के माध्यम से सरकारी कोष में जमा करके अथवा समयाभाव के कारण नामांकन पत्र के साथ नकद जमा की जा सकती है।