गोंडा। जिले में गठित कृषि उत्पादकता संगठनों को सक्रिय किया जाय तथा ज्यादा से ज्यादा नए कृषि उत्पादकता संगठनों का पंजीकरण कराकर सरकार की विभिन्न योजनाओं से उन्हें जोड़ा जाय। यह निर्देश डीएम मार्कंडेय शाही ने कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि उत्पादकता संगठन से संबंधित आयोजित बैठक में दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि एफपीओ यानी कि कृषि उत्पादकता संगठन एक ऐसी योजना है जिसके अंतर्गत ऐसे किसानों का एक समूह बनाया जाता है जो कृषि उत्पादक कार्यों में लगे होते हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम किसान एफपीओ योजना के अंतर्गत ऐसे संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा जो कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल कर रोजगार सृजन के साथ ही साथ आर्थिक उन्नयन का काम करेंगे।
जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि वे जनपद स्तर पर कृषि उत्पादकता संगठन से संबंधित विभागीय अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं तथा उसमें अधिकारियों के साथ-साथ अग्रणी किसानों को भी जोड़ा जाय।
ग्रुप में नई-नई तकनीकों की जानकारी देने के साथ ही एफपीओ गठन के लिए प्रोत्साहन का कार्य व मानीटरिंग भी की जाएगी। बैठक में लखनऊ से आए विशेषज्ञ पीएस ओझा ने कृषि से संबंधित विभागों की योजनाएं जो कि एफपीओ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उम्दा कार्य कर रही हैं, के बारे में बताया तथा प्रेरित किया कि इन योजनाओं से किसानों को जोड़ा जाय ताकि वे उन्नति कर सकें।