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मुख्य बंधे की मिट्टी से ही तैयार हो रहा नया रिंग बांध

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गोंडा में उमरी बेगमगंज स्थित ऐली परसौली के भिखारी पुर सकरौर बांध की मरम्त करते मजदूर। - फोटो : GONDA
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उमरीबेगमगंज (गोंडा)। तरबगंज तहसील के ऐली परसौली के विशुनपुरवा के पास दो दिन पहले कटे भिखारीपुर- सकरौर बांध की मिट्टी से ही नया रिंग बांध बन रहा है। बंधा यहां पर 50 मीटर कटा था और अब सरयू नदी का पानी करीब 100 गावों में रोकने के लिए नया रिंग बांध बन रहा है। रिंग बांध में मिट्टी मुख्य बंधे से ही लिए जाने से भिखारीपुर- सकरौर बांध के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो बंधे का जो भाग रिंग बांध के दायरे में है वह कभी भी बह सकता है। नए बांध में उसकी मिट्टी का आंशिक उपयोग ही हो रहा है। बाकी आसपास से मिट्टी ली जा रही है।
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भिखारीपुर- सकरौर बांध कटने के बाद विशुनपुरवा समेत पांच गावों में बाढ़ की स्थिति हो गई थी। कटान के बाद करीब 8 लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद जलस्तर घटने से नदी के बहाव पर तो अंकुश लगा लेकिन बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उस समय नदी का रूख तीन पंचायतों के करीब 100 गावों की ओर हो गया था। प्रशासन ने नदी का बहाव गावों की ओर रोकने के लिए आनन- फानन में रिंग बांध का निर्माण शुरू करा दिया, लेकिन मिट्टी के लिए भिखारीपुर-सकरौर बांध को ही निशाने पर ले लिया है। बांध के ऊपर से जेसीबी से मिट्टी ली जा रही है। इससे बंधे पर खतरा बढ़ रहा है। बांध निर्माण का कार्य देख रहे सिंचाई विभाग के अभियंता रवि नरायन कहते हैं कि अभी तत्काल रिंग बांध बनाना है, इसलिए बांध की मिट्टी का प्रयोग हो रहा ीहै। रिंग बांध बनने के बाद मुख्य बंधे का मरम्मत भी किया जाएगा। उनका मानना है कि रिंग बांध से गांवों के लोगों को तत्काल सुरक्षित किया जाना जरूरी है, इसके बाद फिर बंधे को अलग से मिट्टी लाकर बराबार कर दिया जाएगा। फिलहाल मुख्य बांध से मिट्टी निकाले जाने से स्थानीय लोगों को बांध के कमजोर होने की आशंका है।
प्रशासन की ओर से पीड़ितों को दी जा रही राहत सामग्री
बांध कटने के बाद बाढ़ पीड़ितों को राहत किट प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि 8 पीड़ित परिवार ऐसे हैं जिनका नुकसान हुआ है। उन्हें चिन्हित किया गया है और राहत किट दी गई है। इसके अलावा जो भी पीडित चिन्हित हो रहे हैं उन्हें कोटेदार से भी राशन दिलाया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। पीडितों को प्रशासन हर संभव राहत सहायता उपलब्ध कराएगा।
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सीएम के दौरे को लेकर बाबा मठ में शुरू हैं तैयारियां
भिखारीपुर - सकरौर तटबंध कटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वहां पर आने की संभावना है। प्रशासन की ओर से बरौली के बाबा मठ में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बीते साल बाढ़ पीडितों का हाल जानने और राहत सामग्री देने के लिए मुख्यमंत्री बाबा मठ आए थे, वहां पर पहले बनाए गए हेलीपैड की साफ-सफाई शुरू हो गई है। इसके अलावा राजस्व अफसरों व कर्मचारियों की टीम लगातार क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावितों का सर्वे कर रही है। अभी मुख्यमंत्री के दौरे की तिथि तय नही है लेकिन माना जा रहा है कि सीएम का कार्यक्रम कभी भी आ सकता है। शुक्रवार को प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों ने हवाई सर्वेक्षण करके बाढ़ की स्थिति को परखा और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी है। इससे मुख्यमंत्री के आगमन की उम्मीद है।
बांध कटने से प्रभावित लोगों की सूची तैयार की जा रही है, मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम नही मिला है। लेकिन उनके आगमन का कार्यक्रम आने से पहले तैयारी की जा रही है। -राजेश कुमार, एसडीएम तरबगंज
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