गोंडा। अनामिका शुक्ला की फर्जी नियुक्ति व वेतन के नाम पर करोड़ों रुपये के बंदरबांट के मामले में एफआईआर के आदेश के बाद शिक्षा विभाग में सरगर्मी बढ़ गई है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। इधर न्यायालय का आदेश कोतवाली पुलिस को मिल गया है। कोतवाल विवेक त्रिवेदी का कहना है कि जल्द ही केस दर्ज किया जाएगा।
शिक्षा विभाग में बृहस्पतिवार को इसी मामले को लेकर चर्चा होती रही। हर कोई अपने-अपने नजरिए से इसकी अलग-अलग व्याख्या करता नजर आया। हालांकि विभागीय अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हैं। न्यायालय के आदेश पर किसी ने कोई भी टिप्पणी नहीं की है।
यह है मामला
आवास विकास कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार पांडेय ने सीजेएम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका शुक्ला की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया था कि फर्जी नियुक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल किया गया है। इसमें जनवरी 2025 तक वेतन भुगतान की बात कही गई थी। न्यायालय ने बीएसए अतुल तिवारी व लेखाधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
फर्जी नियुक्ति मामले की जांच शुरू
मदरसा दारुल उलूम हबीबुर्रजा देवरिया अलावल बग्गीरोड में सहायक अध्यापक की तैनाती में फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत पर देवीपाटन मंडल के आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त ने जांच शुरू कर दी है। अनवर खां ने एक शिक्षक के शैक्षिक अभिलेख में हेराफेरी की शिकायत की थी। अपर आयुक्त कमलेश चंद्र ने संबंधित सहायक अध्यापक को नोटिस जारी करते हुए 27 अगस्त की शाम चार बजे कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण व साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। (संवाद)