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27 लाख आबादी अब भी अंधेरे में

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गोंडा। हुदहुद के असर से जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। कई जगह बिजली के खंभे और तारों के टूटकर गिरने से मंगलवार पूरी रात साढ़े 32.5 लाख आबादी को बिजली नसीब नहीं हुई। वहीं, बुधवार को पूरे दिन काफी मेहनत के बाद भी कुछ ही जगह की बिजली आपूर्ति बहाल हुई, जबकि 27 लाख आबादी अब भी अंधेरे में है। उपखंडवार पावर कॉर्पोरेशन के एसडीओ व जेई की मानें तो जिले में चार सौ के करीब खंभे व काफी तार क्षतिग्रस्त हुआ है। जिसे ठीक कराने में एक हफ्ते से 15 दिन का समय लग सकता है। वह भी तब जब उन्हें पावर कॉर्पोरेशन के स्टोर से खंभे व तार समय से मिल जाएं।
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अंधेरे में 15 बिजलीघर
मंगलवार पूरी रात 15 बिजलीघर अंधेरे में डूबे रहे, जबकि गोंडा शहरी क्षेत्र के दो बिजलीघरों का आधा इलाका सिविल लाइंस और आवास विकास भी अंधेरे में रहा। इस कारण साढ़े 32 लाख लोगों को काफी दुश्वारियों से जूझना पड़ा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के 15 बिजलीघरों की 33 केवी और 11 केवी लाइन के पूरी तरह से ब्रेकडाउन में चले जाने से एक मिनट की भी बिजली की सप्लाई नहीं हुई।
तारों पर गिरे पेड़ हटवाए गए
बुधवार सुबह पूरे दिन बिजली कर्मियों की टीम ने शहर में घूम-घूमकर तारों पर गिरे पेड़ों को हटवाया। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के 15 बिजलीघरों की 33 केवी लाइन को चालू करने के लिए भी पूरे महकमे ने अपनी ताकत झोंक दी। लेकिन देरशाम तक 15 बिजलीघरों से जुड़ी 8.5 लाख शहरी कस्बाई आबादी (शहरी) में से केवल पांच लाख आबादी को ही बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 27 लाख आबादी को बिजली अभी भी जगह-जगह टूटकर गिरे तार-खंभों के वजह से नहीं मिल पाई।
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जल्द उपलब्ध कराए जाएं बिजली उपकरण
हुदहुद के असर से जिले भर में करीब चार सौ बिजली के खंभों और 20 किमी. लाइन को अलग-अलग इलाकों में नुकसान हुआ है। व्यवस्था पटरी पर वापस तभी आ सकती है जब उपकेंद्र वार अभियंताओं को स्टोर से तार, खंभे, इंसुलेटर, क्रास आर्म सहित अन्य उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएं। हालांकि, इसके लिए उपकेन्द्रवार अभियंताओं ने अपनी-अपनी रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को भेज दी है। लेकिन जब तक उपकरण अभियंताओं को नहीं मिलते हैं, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकती।
ये प्रक्रिया करनी पड़ेगी पूरी
ग्रामीण क्षेत्र के जिन इलाकों में बिजली की लाइन को नुकसान हुआ है, उसके लिए पहले इलाकेवार जेई को इसका इस्टीमेट तैयार करना होगा। यह इस्टीमेट एक्सईएन के हस्ताक्षर से अनुमोदित होकर अधीक्षण अभियंता और फिर मुख्य अभियंता के यहां जाएगा। जिसके बाद वहां से इस्टीमेट के पास होने पर कार्यदाई संस्था को नामित कर स्टोर से सामान उपलब्ध कराया जाएगा। तब कहीं लाइन को सही करवाकर आपूर्ति चालू हो सकेगी।
हर बिजलीघर के अभियंता को अपने-अपने इलाकों में टूटे खंभों और तार का इस्टीमेट बनाकर दिए जाने के लिए कहा गया है। जैसे-जैसे इस्टीमेट मेरे पास आते जाएंगे, उसे शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पास करवाएंगे। साथ ही गोंडा शहरी क्षेत्र की बिजली पूरी तरह बहाल हो गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था भी दुरुस्त कराई जा रही है।
-एके चौरसिया, एक्सईएन विद्युत
क्षतिग्रस्त हुई लाइन प्राथमिकता के आधार पर सही कराई जाएगी। इस्टीमेट मेरे पास आने पर तत्काल इसे पास कर खंभे, तार व अन्य बिजली उपकरण समय से अभियंताओं को मुहैया कराए जाएंगे।
-हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता, देवीपाटन क्षेत्र
देवीपाटन क्षेत्र के मुख्य अभियंता को क्षेत्र में जहां-जहां बिजली के खंभे और तार टूटकर गिरे हैं, उन्हें कम से कम समय से फिर से खड़ा कर लाइन चालू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जो सामान चाहिए होगा, वह स्टोर से तत्काल मुहैया होगा।
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-एपी मिश्र, एमडी पावर कॉर्पोेरेशन, यूपीपीसीएल
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