बलरामपुर। तेज रफ्तार रोडवेज बस द्वारा दो किशोरों को रौंदे जाने आैर एंबुलेस फूंके जाने के मामले में पुलिस ने 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा एंबुलेंस चालक तथा सहायक मेडिकल स्टॉफ की तहरीर पर मंगलवार देर रात दर्ज किया गया है। पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। अन्य की तलाश की जा रही है।
मंगलवार शाम बौद्ध परिपथ पर बिजलीपुर मंदिर के पास तेज रफ्तार रोडवेज बस ने कटरा शंकर नगर निवासी साइकिल सवार हदशान व इमरान नामक दो किशोरों को रौंद दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला पुरुष अस्पताल के पास अंबेडकर चौराहे पर शव रखकर चक्का जाम किया था। साथ ही एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया था। पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा था। एंबुलेंस चालक अखिलेश गौड़ व सहायक मेडिकल स्टॉफ गुरु बक्श जख्मी हो गए थे। आग की चपेट में आकर सड़क किनारे एक ढाबली भी जल गई थी। उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया था। देर रात नगर कोतवाली में एंबुलेंस चालक व सहायक मेडिकल स्टॉफ की तहरीर पर 150 उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने जानलेवा हमले व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बुधवार को पुलिस ने सुरक्षा के बीच गिरफ्तार 20 उपद्रवियों का मेडिकल परीक्षण
कराकर जेल भेज दिया है। सीओ सिटी श्रीश्चंद्र ने बताया कि मामले में पूर्व प्रधान की तलाश की जा रही है।