गोंडा। जिला अस्पताल के साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टरों की कार्यप्रणाली की निगरानी शुरू हो गई है। रोज ओपीडी में कितने मरीज देखे, कितने भर्ती किए सहित अन्य सूचनाएं डॉक्टरों द्वारा एक रजिस्टर पर दर्ज की जाएंगी। जिन्हें रोज शासन को भेजा जाएगा। शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की टीम मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों द्वारा भेजी गई सूचनाओं की गोपनीय तरीके से जांच करेगी। अगर गलत सूचना देने का मामला सामने आता है, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समय से अस्पतालों में डॉक्टरों के न बैठने से मरीजों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए अब उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी शुरू हो गई है। हर डॉक्टर को ओपीडी रजिस्टर बनाना होगा, जिसमें उस दिन अस्पताल से जारी हुए पर्चे दर्ज नंबर के आधार पर मरीज का नाम, उम्र व बीमारी का उल्लेख करना होगा।
रजिस्टर के आधार पर अस्पताल प्रशासन सभी डॉक्टरों की रोज की ओपीडी की जानकारी शासन को उसी दिन भेजेगा। यह व्यवस्था जिला चिकित्सालय से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक में लागू होगी। सीएमओ डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि रजिस्टर के आधार पर सभी चिकित्सकों द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं का सत्यापन शासन स्तर पर अफसरों की टीम गोपनीय तरीके से करेगी। अगर दर्ज सूचना गलत पाई गई तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि इस व्यवस्था के बारे
में सभी अफसरों को जानकारी दे दी गई है।