गोंडा। बेगार करने से मना करने पर दबंगों ने एक दलित के घर में घुस कर पति-पत्नी और उसके बेटे को जमकर पीटा। साथ ही उनका छप्पर का घर भी फूंक दिया। इससे पचास हजार रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई। मामले में कोतवाली देहात में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत धनैरी तेलियानी उपाध्याय गांव निवासी दलित राजेंद्र ने बताया कि वह इटियाथोक थाना क्षेत्र के बकठोरवा बाजार में सब्जी का ठेला लगाता है और उसकी मां सुंदरपती गांव के काले पांडेय के यहां बेगारी करती है। बुधवार को राजेंद्र का छोटा भाई रवींद्र (14) घर के बाहर खेल रहा था, तभी काले पांडेय का भाई ननके पहुंचा। ननके ने रवींद्र और सुंदरपती से धान काटने के लिए गुरुवार सुबह खेत पर आने को कहा। राजेंद्र ने बताया कि जब उसकी मां सुंदरपती ने स्वस्थ न होने की बात कह धान काटने से मना कर दिया तो ननके ने धमकी दी और चला गया। राजेंद्र ने बताया कि गुरुवार सुबह वह सब्जी बेचने चला गया। घर में उसकी बड़ी बहन उमा, छोटी बहन नीता, रवीन्द्र, उसकी पत्नी मिथिलेश, मां सुन्दरपती व पिता कांशीराम थे, तभी काले अपने भाई ननके और लगभग 24 लोगों के साथ उसके घर पर आ धमके और तोड़फोड़ की। विरोध करने पर लाठी-डंडे से रवीन्द्र, कांशीराम व सुन्दरपती को जमकर पीटा और छप्पर के घर को फूंक दिया। सुन्दरपती और कांशीराम को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। मामले में राजेन्द्र ने कोतवाली देहात में काले पांडेय, उसके भाई ननके, विन्धोराम व रामजन्म के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली देहात के प्रभारी आलोक वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मारपीट की धारा को एससीएसटी एक्ट में तरमीम किया जाएगा। उन्होेंने कहा कि बेगार का मामला अब तक की जांच में सामने नहीं आया है। तफ्तीश की जा रही है, अगर बेगार कराने की बात प्रकाश में आई तो उसे भी तरमीम किया जाएगा।