11 न्याय पंचायतों एवं 68 ग्राम पंचायतों वाले विकास खंड परसपुर में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए कहने को तो क्षेत्र में 3135 इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाए गए हैं, किंतु सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इनमें से विभिन्न कारणों से 565 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इससे लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विकास खंड की ग्राम पंचायत गुरसड़ी में लगे 16 में से 10 हैडंपंप, भौरीगंज में 12 में से 8, चंदापुर किटौली में 3 में से दो तथा ग्राम पंचायत चंगेरी में लगे 38 में से 11 हैडंपंप रीबोर होने लायक हैं।
ग्राम पंचायत परसपुर में भी 107 हैडंपंप लगे हैं, जिसमें करीब डेढ़ दर्जन से अधिक नल खराब हैं। परंतु सरकारी सर्वे में मात्र 6 हैडंपंप ही रीबोर के लिए बताए गए हैं। खजुरी निधि में भी 39 हैडंपंप लगे दर्शाए गए, जिसमें पांच रीबोर तथा आधा दर्जन अन्य कारणों से नल खराब बताए गए हैं।
इसी तरह ग्राम पंचायत बेलमत्थर में लगे 68 में से 9 हैडंपंप खराब पड़े हैं। बहुवन मदार मांझा में 90 में से 10, कुड़ियाव में 39 में 10, खरथरी में 45 में 2, नंदौर में 37 में 9, त्योरासी में 46 में 4, गुरेटी 29 में 4, अन्दूपुर में 32 में 6, सुसुंडा में 49 में 6, नारायनपुर जैसिंह में 27 में 8, वेलवानोहर 14 में 9, दुबाई में 21 में 9, नारदा 20 में 7 नल खराब हैं।
डोमाकल्पी 23 में 6, बसंतपुर आंटा 54 में 7, अकोहरी 18 में 5, सलपुर धौताल में 47 में 1, पेवली में 37 में 4, सेमरी में 13 में 4, पुरैना में 97 में 8, धमरैया में 52 में 3, लोहंगपुर में 44 में 7, बक्सेला में 32 में 8, सुभागपुर में 39 में 14, दुल्लापुर तरहर में 49 में 30, मोहना में 35 में 7, मिझौरा में 26 में 6, बनुआ में 41 में 6 हैंडपंप ठप हैं।
मधईपुर खाण्डेराय में 58 में 7, डेहरास में 186 में 31, गोगिया में 71 में 11, सिंगरिया में 42 में 5, कटैला में 35 में 6, राजापुर में 56 में 4, हरदिहा सपौर में 21 में 4, चरहुआं में 48 में 16, चांदपुर में 60 में 1, मधईपुर कुर्मी में 36 में 8, मंगुराबाजार में 21 में 7, अभईपुर में 34 में 9, मरचौर में 94 में 10, सरैया नान्हू में 65 में 8, मलावं में 27 में 7 नल ठप हैं।
कंडरू में 57 में 5, खैरा में 31 में 7, खरगूपुर में 114 में 9, गजसिंघपुर में 38 में 5, आंटा में 72 में 22, धनौरा में 22 में 10, शिवगढ़ में 17 में 12, पूरे लाली में 32 में 15, पसका में 113 में 6, धानी गांव में 44 में 4, चरसडी में 83 में 13, नारायनपुर मर्दन में 41 में 13, दुरौनी में 40 में 7, करनपुर में 27 में 9, सकरौर में 54 में 7, दुरगोड़वा में 30 में 7, ठाकुरापुर में 74 में 8 तथा ग्राम पंचायत सरैयां चौबे में 20 में से 6 हैंडपंप विभिन्न कारणों से खराब पड़े हैं। इस तरह पूरे विकास खंड में 565 हैंडपंप खराब पड़े है,ं जिसमें से 355 हैंडपम्पों की रीबोरिंग तथा 210 अन्य कारणों से बंद पड़े होने की सूचना है।
प्रभारी बीडीओ विकास खंड परसपुर रणवीर सिंह ने कहा कि सामान्य खराबी वाले इंडिया मार्का हैंडपंप ग्राम प्रधानों के माध्यम से ठीक कराएंगे। जो हैंडपंप रीबोर होने हैं, उसके लिए जल निगम को पत्र लिख कर शीघ्र ठीक कराने का आग्रह किया जाएगा।
अधिशाषी अभियंता जल निगम गोंडा राजेंद्र सिंह का कहना है कि सामान्य खराबी वाले हैंडपंपों की मरम्मत का काम ग्राम पंचायतें खुद करती हैं तथा नया नल या रीबोर का काम विधायक की सूची तथा डीएम के अनुमोदन के बाद जल निगम खुद करता है।