गोंडा। शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 39 लाख 25 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर पहले पीड़ित का विश्वास जीता और फिर अलग-अलग बैंक खातों में किस्तों में रुपये जमा कराते रहे। जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम और मुनाफा वापस निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मालवीय नगर निवासी राजेंद्र कुमार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर शेयर ट्रेडिंग के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का प्रस्ताव आया था। ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश कराने का भरोसा दिलाया।
शुरुआत में ठग लगातार अधिक मुनाफे का भरोसा देते रहे, जिससे उनका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में चरणबद्ध तरीके से रुपये जमा कराना शुरू कराया। उन्होंने बताया कि 25 मई से 10 जून 2026 के बीच कुल आठ बार अलग-अलग बैंक खातों में 39 लाख 25 हजार रुपये जमा कर दिए।
जब उन्होंने निवेश की रकम और मुनाफा वापस निकालने की बात कही तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क का हवाला देकर और पैसे जमा करने की मांग शुरू कर दी। बार-बार अतिरिक्त रकम मांगने पर पीड़ित को शक हुआ। उन्होंने संबंधित प्लेटफॉर्म और संपर्क करने वाले लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश यादव ने बताया कि एफआई दर्ज कर ली गई है। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शेयर ट्रेडिंग में निवेश से पहले रखें ये सावधानियां
-सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, टेलीग्राम या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से मिले निवेश के आकर्षक प्रस्तावों पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म या सलाहकार की वैधता और पंजीकरण की पहले जांच करें।
- अनजान व्यक्ति या संस्था के बताए बैंक खाते में रुपये जमा करने से बचें।
- कम समय में दोगुना या मोटा मुनाफा जैसे दावों से सतर्क रहें।
- निवेश करने से पहले कंपनी और उसके रिकॉर्ड की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
- किसी के कहने पर ओटीपी, बैंक विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।