गोंडा। विद्युत आपूर्ति की नियमित बनाए रखने के लिए गांवों में क्षमता वृद्धि ही नहीं हो पाई है। इससे करीब 212 गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है। विभाग की ओर से एक हजार से अधिक गांवों में डेढ़ लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं, ऐसे में लोड़ तो बढ़ा लेकिन ट्रासंफार्मर नहीं बदले गए। इससे लो वोल्टेज व अन्य तरह की समस्या से करीब एक लाख उपभोक्ता जूझ रहे हैं।
अभी तक क्षमता बढ़ाने के लिए तय किए गए लक्ष्य को विभाग ने पूरा नहीं किया है और 600 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की योजना खटाई में पड़ी है। इससे गर्मी शुरू होने के साथ ही समस्या भी शुरू हो गई है।
बिजली विभाग ने बीते दिनों करीब 1.20 लाख नए कनेक्शन दिए और तीन हजार नए गांवों में विद्युतीकरण का कार्य भी किया है। इन सबसे बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही लाइनों पर लोड भी बढ़ गया है। ऐसे में 1800 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाकर आपूर्ति को व्यवस्थित करने की योजना बनी थी।
मार्च माह तक कार्य पूरा किया जाना था लेकिन अभी तक 1200 गांवों में ही ट्रांसफार्मरों की ही क्षमता बढ़ाने का दावा विभाग कर रहा है। इसके हिसाब से ही 600 ट्रांसफार्मरों की क्षमता अभी नहीं बढ़ाई गई है इससे करीब 212 गांवों की आपूर्ति प्रभावित है। साथ ही एक लाख करीब की आबादी को बिजली समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
आए दिन विभाग को ट्रांसफार्मरों के फूंकने की शिकायतें भी मिल रही हैं। कहने को तो 24 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मरों को फूंकने पर बदलने का दावा विभाग कर रहा है लेकिन स्थानीय लोग प्रयास करके ट्रांसफार्मर को उतरवा कर विभाग के स्टोर तक न लाएं जो जल्दी बदल नहीं पाता है। इससे हर दिन कई गांवों में आपूर्ति ठप रहती है।
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बिना खर्च किए नहीं बदला जाता है ट्रांसफार्मर
बिजली विभाग में बिना खर्चे के ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो पाती है। मुजेहना क्षेत्र के किसान रामदीन कहते हैं कि कनेक्शन के नाम पर ही पैसा ले लिया जाता है। ऐसे ही ट्रांसफार्मर के फुंकने पर बिना चंदा लागे कभी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती है। इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग में क्षेत्रीय अधिकारी जल्दी लोगों को उपलब्ध भी नहीं हो पाते हैं।
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विभाग ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्वि किए जाने की योजना में अच्छा प्रदर्शन किया है। जो शेष बचा है वह भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। विभाग के अधिकारी कर्मचारी लगे हैं और कार्य हो रहे हैं। कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होती है। अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।
- राम स्वरूप, अधीक्षण अभियंता