करनैलगंज (गोंडा)। पिछले 15 साल से लगातार रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों तक इंतजार करने की समस्या खत्म नहीं हो सकी है। नेता हो या अधिकारी, गोंडा से लखनऊ के बीच व करनैलगंज क्षेत्र में पड़ने वाली चार रेलवे क्रॉसिंगें लोगों के लिए जटिल समस्या बन चुकी है। अब क्षेत्रवासियों ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है।
चार क्रॉसिंगों में दो रेलवे क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज या फ्लाईओवर बनवाने की मांग लगातार चली आ रही है, मगर नेता और अधिकारी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। यह समस्या अब चुनाव में एक मुद्दा बन गई है। करनैलगंज से हुजूरपुर रोड पर रेलवे क्रॉसिंग तथा जहांगीरवा क्रॉसिंग हर रोज कई-कई घंटों तक बंद रहती है। इससे क्राॅिसंग के दोनों ओर जाम की स्थिति बन जाती है।
हुजूरपुर रोड की क्रॉसिंग करनैलगंज तो जहांगीरवा रेलवे क्रॉसिंग सरयू स्टेशन से लगी हुई हैं। जहां ट्रेन निकल जाने के बाद भी काफी देर तक क्रॉसिंग का बंद रहना लोगों की मुख्य समस्या बन गई है। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक क्रॉसिंग बंद होने के बावजूद गेट के नीचे से निकलते हैं, जिससे हादसों का डर बना रहता है।
पिछले पांच साल में रेलवे क्रॉसिंग व रेलवे लाइन पार करते समय डेढ़ दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। हुजूरपुर रोड की रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर शहर की मुख्य जरूरत में शामिल है। पुल के अभाव में रेलवे ट्रैक पर कई लोगों की जान जा चुकी हैं।
करनैलगंज रेलवे स्टेशन के पास हुजूरपुर रोड रेलवे क्रॉसिंग शहर व ग्रामीण इलाकों के दो हिस्सों को आपस में जोड़ती है। रेलवे स्टेशन के उस पार छतईपुरवा, भिम्भापुरवा, बाबू पुरवा सहित हुजूरपुर बस स्टाप व कई आवासीय कालोनियां हैं। शहर से जुड़े होने के चलते यहां के लोग हर रोज शहर आते जाते हैं। साथ ही करनैलगंज हुजूरपुर रोड सीधे बहराइच जनपद को जोड़ने का काम करती है।
यहां आने वाले ट्रक और अन्य माल वाहक वाहन सहित प्रतिदिन तमाम अन्य वाहन व लोग क्रॉसिंग से गुजरते हैं। जिससे यहां हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इतनी व्यस्त क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है। शहर के के कई व्यापारिक और सामाजिक संगठन मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक सहित रेल मंत्री से फ्लाईओवर की मांग कर चुके हैं।
इधर से आने जाने वाले व यहां के निवासियों का कहना है कि हर चुनाव में यह समस्या उठाई जाती है। और नेता वादा भी करते है और फिर चले जाते है। पिछले कुछ साल में फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर कवायद भी शुरू हुई थी। फ्लाईओवर के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वे भी किया गया था मगर आखिरकार यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद भी फ्लाईओवर की मांग जारी है। क्षेत्र के लोगों की इस प्रमुख समस्या को लोगों ने चुनाव के मुद्दे से जोड़ दिया है।