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एक ही गांव में पूर्व सांसद की पत्नी समेत 16 लोगों की मौत

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गोंडा। कोरोना का संक्रमण अब गांवों मे आफत बन कहर ढाने लगा है। इस खतरनाक संक्रमण से गांवों में मरने वालों की संख्या का आंकड़ा लगातार बढ़ने रोकथाम को जिम्मेदार अधिकारी भी परेशान हैं।
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हलधरमऊ विकासखंड के ग्राम पंचायत हलधरमऊ में करीब दस दिनों में पूर्व सांसद स्वर्गीय मुन्नन खां की पत्नी समेत 16 लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में हड़कंप है। ग्राम प्रधान के अनुसार गांव के दो दर्जन से अधिक लोग सर्दी जुखाम व बुखार से पीड़ित हैं और बीते दस दिनों से लगातार मौत का सिलसिला जारी है।
इसकी जानकारी बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण व सर्वे में जुटी है। साथ ही खंड विकास अधिकारी राम आज्ञा मौर्य के निर्देश पर गांव में सैनिटाइजेशन के साथ ही साफ सफाई का कार्य भी शुरू कराया गया है।
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बेकाबू होती स्थिति को देखते हुए लाइफ लाइन हॉस्पिटल के संचालक डॉ मोहम्मद सादिर की अगुवाई में एक निजी स्कूल को अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। इसमें कई लोगों का इलाज भी चल रहा है।
ग्राम प्रधान मसूद खां ने बताया कि हलधरमऊ गांव में 10 दिन के अंदर करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है। काफी लोग सर्दी जुखाम से पीड़ित हैं। कोरोना महामारी से पूर्व सांसद मुन्नन खां की पत्नी जुबैदा बेगम सहित मंसूर आलम, मद्दन खान, नुरुल खान, अच्छे मियां, मैमुना, अबु बकर खान की मौत हो चुकी है।
प्रधान ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद से गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे करने में जुटी है। समाजसेवी अबू खान ने बताया कि गांव में लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए इलाके के एक निजी डाक्टर द्वारा एक निजी स्कूल को अस्पताल बनाकर लोगों की इलाज में मदद की जा रही है। इस दौरान गांव के चिकित्सक डॉ अबुल आला व डॉ जफरुल इस्लाम लगातार इस जंग में जुटे हुए हैं।
हलधरमऊ के निकट मोहम्मदपुर में भी इसी महामारी से नौसाद वकील, असलम खां, तौवाज खां की मौत हो चुकी है। हलधरमऊ सीएचसी के अधीक्षक डॉ सन्त प्रताप वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली थी। शनिवार को ही गांव में सर्वे का काम किया जा रहा है। अभी तक कोई जानकारी नहीं थी।
ग्राम प्रधान मसूद खां ने बताया कि दस दिनों में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 32 वर्ष से 70 वर्ष आयु के लोग हैं। इसमें कुछ की मौत कोरोना के कारण तथा कुछ की मौत कोराना जैसे लक्षण के कारण हुई है।
मरने वालों में राजू खां (32), मैमुना बेगम (52), मद्दन खां(58), फिदाए अहमद (65), उषा बेगम(55),डा मुहिउद्दीन (62), नूरुल हसन खां (63), अच्छे मियां (65), मेसरी बेगम (58), सखवत खां (68), आमिना बेगम (70), जैनब बेगम (65), जमील खां (62), अब्दुल गफ्फार(58), अबू बकर खां(68), लैकुननिशां(60) शामिल हैं।
लगातार मौत के बाद नींद से जागे प्रशासन ने करनैलगंज के तहसीलदार बृजमोहन व स्वास्थ्य विभाग की टीम को शनिवार को मौके पर भेजा। गांव के प्राइमरी स्कूल में तहसीलदार ने गांव वालों से चर्चा की और गांव को सेनेटाइजेशन के लिए एडीओ पंचायत को निर्देश दिया।
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