अपनी अमीरी के स्टेटस को बनाए रखने के लिए जिले के मान्यता प्राप्त 14 निजी विद्यालय अपने स्कूलों में पढ़ने वाले करीब दस हजार गरीब बच्चों का हक मारने पर उतर आए हैं। इन स्कूलों ने समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना में सम्मिलित होने से इन्कार कर दिया है। स्कूलों के इस रवैये से गरीब छात्र-छात्राओं के हक पर अड़ंगा लग गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने इसे गरीब छात्रों के अधिकारों का हनन बताते हुए स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को आगाह किया है कि अगर 15 जनवरी तक समाज कल्याण विभाग स्कॉलरशिप की वेबसाइट पर पंजीकरण नहीं कराया गया तो संबंधित स्कूलों की मान्यता रद करने की संस्तुति की जाएगी।
शासन की तरफ से पूर्वदशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कक्षा 9 व कक्षा 11 में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओें को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। छात्रवृत्ति की इन योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को दी गई है।
शैक्षिक सत्र 2016-17 में इस योजना के तहत यूपी बोर्ड, सीबीएसई व आईएससी बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति दी जानी है। इसके लिए स्कूलों को अपना नाम, छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी का नाम, प्रधानाचार्य का नाम व विवरण, पाठ्यक्रम व शुल्क समेत स्कूल का पूरा विवरण विभाग की स्कॉलरशिप की वेबसाइट पर 30 जून तक फीड कराकर उसे डिजिटली लॉक करना था। इसके लिए समाज कल्याण विभाग व जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी स्कूलों को दिशा निर्देश जारी किए थे।
इस निर्देश के बाद यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त अधिकतर स्कूलों ने तो विभाग की वेबसाइट पर बनाई गई मास्टर डाटा सूची में अपलोड कर दिया, लेकिन सीबीएसई व आईएससी बोर्ड से मान्यता वाले जिले के 14 निजी स्कूलों ने छात्रवृत्ति योजना को गरीबों की योजना बताकर इससे किनारा कर लिया।
इस संबंध में स्कूल प्रबंधन ने अपने यहां गरीब बच्चों के न होने का तर्क देकर छात्रवृत्ति लेने से इन्कार कर दिया और विभाग की स्कॉलरशिप वेबसाइट पर अपने स्कूल का मास्टर डाटा अपलोड नहीं किया। आठ जून को जब जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने समाज कल्याण विभाग का निरीक्षण किया तो इस मामले का खुलासा हुआ।
स्कूल प्रबंधन के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी स्कूलों का विवरण विभाग की वेबसाइट दर्ज कराने के निर्देंश दिए थे। जिलाधिकारी के आदेश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सोमवार को छात्रवृत्ति योजना से किनारा करने वाले 14 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और 15 जुलाई तक स्कूलों का पूरा विवरण विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कराने के निर्देंश दिए हैं।
छात्रवृत्ति के लिए विभाग की वेबसाइट पर स्कूलों का विवरण मास्टर डाटा पर अपलोड करने के लिए स्कूलों को 15 जुलाई तक का समय दिया गया है। इस तिथि के भीतर मास्टर डाटा पर पूरी जानकारी अपलोड कर उसे डिजिटली लॉक नही किया गया तो संबंधित स्कूल की मान्यता रद करने की संस्तुति कर दी जाएगी।
इन स्कूलों को भेजा गया नोटिस
एम्स इंटरनेशनल सेकेंडरी स्कूल, गोंडा
फतिमा स्कूल, गोंडा
केंद्रीय विद्यालय, रेलवे कॉलोनी गोंडा
महर्षि विद्या मंदिर, गोंडा
नारायना पब्लिक स्कूल, गोंडा
रवी चिल्ड्रेंस एकादमी, गोंडा
सेंट जेवियर स्कूल, गोंडा
ब्लूमिंग बड्स पब्लिक स्कूल, बलरामपुर
जवाहर नवोदय विद्यालय, मनकापुर
केंद्रीय विद्यालय, मनकापुर
महर्षि विद्या मंदिर, मनकापुर
रघुकुल विद्यापीठ, गोंडा
श्रीदत्त मेमोरियल पब्लिक स्कूल, मनकापुर
सेंट माइकल कान्वेंट स्कूल, मनकापुर