चीफ फॉर्मासिस्ट व्यासमुनि के साथ शनिवार को हुए बर्ताव से नाराज फॉर्मासिस्टों ने सोमवार को सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का उनके कार्यालय में घेराव कर नारेबाजी की। फॉर्मासिस्टों की नारेबाजी और हंगामे को देखते हुए जब सीएमओ कार्यालय से बाहर निकले तो उनकी फॉर्मासिस्टों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
इसी बीच सीएमओ मौका पाकर वहां से भाग निकले। जिसके कुछ ही देर बाद पूरा सीएमओ कार्यालय छावनी में तब्दील हो गया और डीएम, एसपी से लेकर कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह तक मौके पर पहुंच गए। यहां करीब डेढ़ घंटे तक फॉर्मासिस्टों की डीएम, एसपी व कृषि मंत्री के साथ बातचीत के बाद प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच पर आम सहमति बनी, तब जाकर फॉर्मासिस्टों का गुस्सा शांत हुआ।
शनिवार को छुट्टी के दिन सीएमओ के बुलावे पर सीएमएसडी स्टोर पहुंचे चीफ फॉर्मासिस्ट व्यासमुनि के साथ सीएमओ ने अभद्रता कर उनसे स्टाक बुक के कई रजिस्टर कब्जे में ले लिए थे। यही नहीं उनकी डांट से चीफ फॉर्मासिस्ट को दिल का दौरा भी पड़ गया। चीफ फॉर्मासिस्ट के साथ हुए इस व्यवहार के विरोध में सोमवार को फॉर्मासिस्टोें ने सीएमओ का उनके कार्यालय में घेराव करने की रणनीति तैयार की थी।
सुबह 10 बजते ही फॉर्मासिस्ट सीएमओ कार्यालय की बिल्डिंग में घुसकर फॉर्मासिस्ट धरने पर बैठ गए। बताते हैं कि इसी दौरान सीएमओ जैसे ही कार्यालय से बाहर निकले तो उन्हें फॉर्मासिस्टों ने घेर लिया और उनसे धक्का-मुक्की होने लगी। सीएमओ मौका पाकर वहां से भाग निकले और मामले की जानकारी जिला प्रशासन व पुलिस को दी।
जिसके कुछ देर बाद ही डीएम, एसपी मौके पर पहुंच गए। जबकि इसी के कुछ देर बाद कृषि मंत्री भी यहां आ धमके। जहां करीब डेढ़ घंटे तक सीएमओ कार्यालय के बंद कमरे में डीएम, एसपी व कृषि मंत्री के साथ फॉर्मासिस्टों की बातचीत हुई।
डिप्लोमा फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के मंत्री एसपी सिंह विसेन के मुताबिक चीफ फॉर्मासिस्ट के साथ जो कुछ भी सीएमओ ने किया, उसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। इसे लेकर जिला प्रशासन व मंत्री ने पूरे घटना क्रम की मजिस्ट्रेटी जांच कराने का आश्वासन दिया है। जिसके लिए अलग-अलग कई मजिस्ट्रेटों का पैनल गठित किया जाएगा।