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दूषित पानी दे रहे 1266 हैंडपंप

Mon, 05 Dec 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला/गोंडा
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खराब पड़ा नल - फोटो : अमर उजाला
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अगर आपके आसपास इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगा है और आप उसका पानी पीने के प्रयोग में ला रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। कारण यह है कि शुद्ध पानी देने के दावे वाले इन हैंडपंपों में आर्सेनिक युक्त जहरीला पानी निकल रहा है, जिसका प्रयोग पीने के लिए कतई नहीं किया जा सकता है।

वर्ष 2014 में कराए गए एक सर्वे में इसका खुलासा किया गया था और दूषित पानी देने वाले 1266 हैंडपंपों पर लाल रंग के निशान भी लगवाए गए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई करने के बजाय आंखें बंद कर लीं। नतीजा यह है कि पिछले दो वर्ष से 343 गांवों के करीब 10 लाख लोग आर्सेनिक युक्त जहरीला पानी पी रहे हैं और बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। 
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   जिले की 34 लाख आबादी को पीने के लिए शुद्ध पानी मिल सके, इसके लिए करीब 52 हजार इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगवाए गए हैं। लेकिन बोरिंगों की गहराई कम होने के कारण इन हैंडपंपों के पानी में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जिससे पीने का पानी लगातार दूषित होता जा रहा है।

नीर निर्मल परियोजना के अंतर्गत वर्ष 2014 में इन हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में 343 राजस्व गांवों में लगाए गए 1266 हैंडपंपों का पानी दूषित मिला था। इस पानी में आर्सेनिक, आयरन, फ्लोराइड व नाइट्रेट की मात्रा पाई गई थी।

लोग इस पानी का प्रयोग पीने के लिए न करें, इसके लिए इन हैंडपंपों की नंबरिंग कराई गई थी और इस पर लाल रंग के निशान भी लगवाए गए थे, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी और इन हैंडपंपों के दूषित पानी का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। वर्तमान समय में इन 343 गांवों के करीब 10 लाख लोग आर्सेनिक युक्त जहरीला पानी पी रहे हैं और तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

इनसेट
दूषित पानी से होने वाली बीमारियां
पीने के पानी के दूषित होने से पीलिया, गैस्ट्रो इंटराइटिस, जुकाम, संक्रामक यकृत शोध, चेचक, अतिसार, पेचिस, मियादी बुखार, अतिज्वर, हैजा, कुकुर खांसी, क्षयरोग, मलेरिया टायफाइड, खुजली, नेत्ररोग व पेट के विभिन्न प्रकार के रोग, जिनका स्वास्थ्य पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 
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इनसेट
पानी से होने वाले रोगों से बचाव के उपाय
- पीने के पानी को उबालकर व स्वच्छ कपड़े से छान कर पिएं।
-पीने के पानी को धूप व प्रकाश में रखें।
-दूषित पानी में तुलसी के पत्तों को डालकर भी पानी शुद्ध किया जा सकता है।
- मवेशियों के लिए अलग-अलग पानी के टैंक की व्यवस्था करें।
- नदियों व नहरों का पानी प्रदूषित होने से बचाएं।

इनसेट
इंडिया मार्का हैंडपंप टू की ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक        कुल हैंडपंप         खराब हैंडपंप        दूषित पानी वाले हैंडपंप
बेलसर       2720             362                33
करनैलगंज       2028              529                19
झंझरी            4046                 596                120
पंडरीकृपाल       2467             292                34
परसपुर       3120             609                41
तरबगंज       2651             312                58
बभनजोत       3082             306                72
छपिया       2776             269                70
हलधरमऊ       2603             412                91
इटियाथोक       2743             328                33
मनकापुर       3616             282                39
मुजेहना       2879             303                35
नवाबगंज       2773             489                25
रूपईडीह       3387             380                18
वजीरगंज       3290             336                49
कटरा बाजार       3421             379                529   
 
कोट 
जिन हैंडपंपों का पानी दूषित है, उस पर लाल रंग के निशान लगवाए गए हैं और लोगों को इसका पानी न इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा खराब हैंडपंपों को रिबोर कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद अगर किसी अफसर की तरफ से लापरवाही की जा रही है तो जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
-जयंत कुमार दीक्षित, प्रभारी डीएम गोंडा

 
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