गोंडा। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खंड विकास कार्यालय ,बाल विकास परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के 10 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
जिनका एक दिन का वेतन काटने के साथ सभी कर्मचारियों के खिलाफ निर्देश का पालन न करने तक सभी का वेतन रोकने, अभिलेख पूर्ण न होने पर फार्मेसिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वेतन रोकने का निर्देश दिया। औचक निरीक्षण पर ब्लॉक परिसर के सभी सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया। एक तरफ सीडीओ का निरीक्षण चल रहा था तो दूसरी तरफ कर्मचारी अपने अभिलेख सही करने में जुटे हुए थे।
सीडीओ ने दोपहर 1: 41 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय भवन जर्जर एवं परिसर में गंदगी मिली। कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने पर संबंधित कर्मचारी से प्रभार हस्तांतरण करने की हिदायत दी।
स्वास्थ्य केंद्र पर अनुपस्थित कर्मचारियों को उपस्थिति पंजिका में अनुपस्थित करते हुए एक दिन का वेतन काटने तथा दिए गए निर्देश का अनुपालन न करने तक सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने की बात कही।
स्वास्थ्य केंद्र पर स्टॉक रजिस्टर व भ्रमण पंजिका पूर्ण न होने, निरीक्षण पंजिका बनी न होने पर फार्मेसिस्ट वीरेंद्र प्रताप को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। खंड विकास कार्यालय पर सभी कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसके बाद बाल विकास परियोजना कार्यालय में पहुंचकर स्टाक रजिस्टर एवं गोदाम में उपस्थित सभी सामग्री की गिनती कराई।
ब्लॉक परिसर में बने सरकारी कर्मचारियों के जर्जर आवास के ध्वस्तीकरण कराने एवं सरकारी आवास व ब्लॉक के सामने बनी दुकानों में अवैध तरीके से रह रहे व्यक्तियों को खाली कराने एवं उसमें ताला लगाकर सूचना देने का निर्देश दिया है।
इसके बाद सीडीओ ने कर्मचारियों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुलईडीह पहुंचकर साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। इसमें खंड विकास अधिकारी मंजू त्रिवेदी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक डॉ. पूनम यादव, डॉ. शिवकुमार, चीफ फार्मेसी वीरेंद्र प्रताप, ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय, उमेश श्रीवास्तव, उज्जवल यादव, सीडीपीओ नीतू रावत, एडीओ पंचायत प्रीतम श्रीवास्तव, एडीओ आईएसबी श्रीकांत तिवारी, अजीत गुप्ता, एवं सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।