अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने केन्द्र सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई की हुंकार भरी है। दिल्ली का दूध, पानी और परिवहन ठप करने की चेतावनी भी दी। पांच मार्च को दिल्ली जंतर-मंतर से आंदोलन शुरू कर देशभर में धरना शुरू करने का आह्वान किया गया।
संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव सत्यपाल चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि जाट बिरादरी अपनी वाजिब मांगों को लेकर पांच साल से प्रयासरत है। सरकार लगातार वादाखिलाफी कर रही है। यह बिरादरी की तौहीन है।
जाट आंदोलन में 11 राज्यों में 75 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस बार आंदोलन में नाई, सैनी, प्रजापति, खटीक, धोबी और तेली आदि जातियों को शामिल किया जाएगा। इस मौके पर त्रिलोक सिंह, धर्मवीर सिंह, हातिम खां, अनिल चौधरी, राजीव चौधरी और रविन्द्र कुमार आदि शामिल रहे।
आर्य समाज मंदिर में भी हुई बैठक
जाट आरक्षण को लेकर जिला जाट समाज की बैठक आर्य समाज मंदिर राजनगर में संपन्न हुई। संगठन के प्रमुख संरक्षक अमर सिंह, जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह और वक्ता नरेन्द्र कुमार चौधरी आदि ने आरपार की लड़ाई का संकल्प दोहराया और भारी संख्या में दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था पर विचार किया।