हर साल देश के टॉप बी-स्कूलों में छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। इसकी तस्दीक कर रहे हैं कैट के दाखिले। दरअसल, देश के 13 आईआईएम में दाखिले के लिए हुए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के तहत इस समय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) में दाखिले चल रहे हैं।
छात्रों को दे रहीं कड़ी चुनौती
सत्र 2013-15 के लिए हो रहे दाखिलों में भी छात्राओं ने छात्रों को चुनौती दी है। आईआईएम लखनऊ में इस बैच में छात्राओं की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां 38.23 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इसके अलावा देश के अन्य आईआईएम में भी छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
मिलता है दो अंक का वेटेज
आईआईएम लखनऊ में इस बार पीजीपी की कुल 450 सीटों में से 171 से ज्यादा सीटों पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है। आईआईएम लखनऊ के चेयरपर्सन (एडमिशन) प्रो. आशुतोष सिन्हा कहते हैं कि छात्राएं अपने टैलेंट के दम पर लड़कों को पछाड़ रही हैं। प्रो. सिन्हा के मुताबिक, 'वैसे तो ज्यादातर लड़कियां कैट में ही अच्छे नंबर पाकर जीडीपीआई के लिए आईआईएम कैंपस आती हैं। ऐसे में जब उन्हें हमारे यहां दो अंक का वेटेज मिलता है, तो वे थोड़ा और आगे बढ़ जाती हैं।'
आईआईएम लखनऊ में दाखिले की प्रक्रिया 30 जून को खत्म होगी।
50 फीसदी से ज्यादा लड़कियां
आईआईएम कोझिकोड में तो लड़कियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। यहां इस बार 54.29 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं ने कब्जा जमाया है। यहां 200 छात्राओं को पीजीपी के 2013-15 बैच में दाखिला मिला है। आईआईएम कोझिकोड के निदेशक प्रो. देवाशीष चटर्जी का कहना है कि छात्राओं की संख्या अब छात्रों से अधिक हो गई है।
टॉप थ्री आईआईएम में जलवा
देश के टॉप थ्री आईआईएम, जिसमें आईआईएम अहमदाबाद, आईआईएम बंगलूरू और आईआईएम कोलकाता शामिल हैं, में भी छात्राओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इन तीनों आईआईएम में बैच 2013-15 में 294 लड़कियों ने दाखिले के लिए हामी भरी है, जबकि 2012-14 के बैच में यह आंकड़ा 215 ही था।
दुगनी रफ्तार से बढ़ रहीं लड़कियां
आईआईएम कोलकाता में कुल 462 स्टूडेंट्स में से 107 लड़कियां हैं। पिछले साल यहां सिर्फ 51 छात्राओं ने प्रवेश लिया था। इसी तरह आईआईएम बंगलूरू में इस वर्ष 108 छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जबकि बीते साल यह संख्या करीब 100 थी। आईआईएम अहमदाबाद में भी 385 स्टूडेंट्स में 80 छात्राएं हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 64 ही था। आईआईएम इंदौर में तो इस बार छात्राओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इस वर्ष 445 स्टूडेंट्स में से 126 लड़कियां हैं। पिछले साल इनकी संख्या महज 74 थी।