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Ghazipur News: पुराने ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन को दोबारा चालू करने के लिए काम शुरू

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ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन। संवाद
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सुहवल। ब्रिटिशकालीन ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन को फिर से चालू करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल के तहत आने वाले इस स्टेशन परिसर से सोमवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान पोकलेन मशीनों की मदद से शुरू किया गया।
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यह स्टेशन वर्ष 2023 से बंद पड़ा था। अतिक्रमण हटाने के साथ ही स्टेशन परिसर, पुराने ट्रैक और प्लेटफॉर्मों की सफाई भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और ग्रामीणों में स्टेशन के दोबारा चालू होने की उम्मीद जगी है। इस बंद स्टेशन को पुनर्जीवित करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने मार्च 2026 में लगभग 11 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। परियोजना के तहत नए बने स्टेशन से पुराने स्टेशन तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इस नई लाइन के लिए मिट्टी भराई का कार्य पूरा हो चुका है। अब ब्लैंकेटिंग और ब्लास्ट डालने की प्रक्रिया के बाद नए ट्रैक बिछाने का काम शुरू होगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) वायरिंग का कार्य भी कराया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में इस स्टेशन को ब्लास्ट साइडिंग लोडिंग-अनलोडिंग प्वाइंट के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर यहां से ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया जा सकता है।
साल 1880 में हुआ था स्टेशन और ब्रांच लाइन का निर्माण
इस स्टेशन का इतिहास भी उल्लेखनीय है। इस स्टेशन और ब्रांच लाइन का निर्माण वर्ष 1880 में ईस्ट इंडिया कंपनी के समय कराया गया था। एक अंग्रेज प्रशासक टेरी के नाम पर इसका नाम पहले टेरीघाट रखा गया था, जो समय के साथ बदलकर ताड़ीघाट हो गया। वर्ष 2023 में सोनवल क्षेत्र में नए ताड़ीघाट स्टेशन के निर्माण के बाद इस पुराने स्टेशन को बंद कर दिया गया था। हालांकि, रेलवे मंत्रालय ने वर्ष 2025 में इसे दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया।
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करीब ढाई किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए मिट्टी भराई का काम पूरा हो चुका है। पुराने ट्रैक, स्टेशन परिसर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी है। - दिलीप कुमार, ईसीआर के पीडब्लूआई।
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