गंगा के बाढ़ प्रभावित इलाकों के तटबंधों को मजबूत और मरम्मत करने का कार्य एक हफ्ते में शुरू हो जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। बाढ़ को रोकने के लिए करंडा ब्लाक के महाबलपुर, चोचकपुर और मुहम्मदाबाद के शेरपुर-सेमरा और फिरोजपुर में बोल्डर पिचिंग का कार्य 15 करोड़ रुपये से कराया जाएगा। इसके अलावा दो करोड़ से मरम्मत कराई जाएगी।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ से कटान होने से हर साल कई एकड़ कृषि योग्य भूमि गंगा में समा जाती है। जो जनपद की बड़ी समस्या है। हजारों एकड़ फसल को बाढ़ से बर्बाद हो जाती है। इसे रोकने के लिए शासन और प्रशासन की ओर से बोल्डर पिचिंग और मरम्मत का कार्य एक बार फिर शुरू कराया जा रहा है। सदर और मुहम्मदाबाद क्षेत्र में गंगा के कहर को देखते हुए चार तटवर्ती क्षेत्रों में बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए शासन को करीब 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा मरम्मत कार्य के लिए करीब दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। मरम्मत और बोल्डर पिचिंग का काम जनपद में अप्रैल के अंतिम हफ्ते में शुरू कराया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से बोल्डर पिचिंग के लिए टेंडर हो गया है। जैसे-जैसे शासन की ओर से धन मिलता रहेगा। विभिन्न क्षेत्रों में तटबंधों को मजबूत करने का काम होता रहेगा।
शेरपुर-सेमरा में 1100 और चोचकपुर में होगा बोल्डर पिचिंग
गंगा में जलस्तर बढ़ने से पहले 10 अगस्त से पहले करंडा ब्लाक के महाबलपुर, चोचकपुर और मुहम्मदाबाद के शेरपुर-सेमरा और फिरोजपुर में बोल्डर पिचिंग का कार्य होना है। ऐसे ही 15 जून तक शेरपुर-सेमरा, असावर और पुरैना में मरम्मत कार्य होना है।
वहीं इस समय गंगा का जलस्तर कम होने से बोल्डर पिचिंग और मरम्मत का कार्य आसानी से किया जाता है। जिसको देखते हुए सिंचाई विभाग की ओर से शेरपुर-सेमरा में 1100 मीटर, फिरोजपुर में 500 मीटर, महाबलपुर में 400 मीटर और चोचकपुर में 500 मीटर बोल्डर पिचिंग का होना है।
अगले दो महीने बोल्डर पिचिंग और मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इस दौरान गंगा किनारे के तटबंधों को मजबूत किया जाएगा। शासन को धन का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
- राजेंद्र प्रसाद, अधिशाषी अभियंता