गहमर के नरवाघाट पर डूबे बच्चों की तलाश करते स्थानीय गोताखोर व लगी ग्रामीणों की भीड़। संवाद
गाजीपुर। छठ महापर्व के खरना पूजन के लिए घर पर महिलाएं प्रसाद बनाने की तैयारी में जुटी थी। घर- घर मंगलगीत गाए जा रहे थे। इसी दौरान घर की बेटी पुत्री गंगौत्री (14) व किशोर रोहन राजभर (13)के गंगा में डूबने की जानकारी मिलते ही गहमर के गोविंदराय पट्टी में चीत्कार मच गया। गांव के लोग नरवर गंगा घाट पहुंचकर दहाड़े मारकर रोने लगे। हादसे से व्यथित बस्ती के 50 घरों में प्रसाद के लिए जल रहा चूल्हा ठंडा पड़ गया। वहीं छठ पूजा में ननिहाल सादात के दलिपराय पट्टी आए अक्षत यादव के डूबकर मौत से गांव शोक में डूब गया। घरों पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि हर किसी की आंख भर आई।
गहमर के गोविंदराय पट्टी स्थित एक बस्ती में 50 घर हैं। यहां घर- घर छठ पूजा होती है। नहाय-खाय के साथ महिलाएं पूरे दिन व्रत रहकर साफ-सफाई के बाद खरना की तैयारी में जुटी थीं। बस्ती निवासी पुष्पा देवी जहां खरना प्रसाद बनाने के लिए तैयारी कर रही थीं। वहीं पिता खरपत्तू राजभर बाजार से पूजन सामाग्री लाने के लिए निकले थे, लेकिन माता- पिता को क्या मालूम था कि जिस बच्चों की लंबी उम्र के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं, उन्हीं बच्चों के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की गंगौत्री वेदी को लीपने गई थी। काफी खुश थी। नहाने के दौरान उसके डूबने की जानकारी मिलते ही मां पुष्पा देवी, पिता खरपत्तू राजभर और भाई- बहन बिलखने लगे। इधर पड़ोस का रोहन राजभर भी गंगौत्री के साथ गया था, जिसकी गंगा में नहाते समय डूबकर मौत हो गई। रोहन राजभर के माता- पिता का दस पूर्व ही निधन हो गया था। बड़ी बहन शिवानी राजभर मजदूरी करके छोटे भाई रोहन राजभर और कृष्णा राजभर का भरण- पोषण कर रही थी। हादसे की जानकारी मिलते ही वह दहाड़े मारकर रोने- बिलखने लगी। किशोर की मौत और किशोरी के डूबने की घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया। इधर देर शाम जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह गोविंद राय पट्टी पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।