गाजीपुर। जिले में सितंबर-अक्तूबर में अच्छी बारिश के बाद किसान अब रबी फसल की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। नवंबर के पहले हफ्ते में रबी की बुवाई जोरों पर होती है। इसको लेकर कृषि विभाग भी तैयारियों में जुट गया है। वहीं, विभाग की ओर से रबी की फसल का रकबा भी निर्धारित कर दिया गया है। इस साल करीब एक लाख 72 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की जाएगी। जो पिछले साल से 894 हेक्टेयर कम किया गया है।
शासन की ओर से दलहन और तिहलन की खेती को बढ़ावा देने के लिए रकबा भी बढ़ाया गया है। इस बार जौ का रकबा 7162 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जो पिछले साल 6560 हेक्टेयर की तुलना में 602 हेक्टेयर बढ़ा है। ऐसे ही चना का रकबा 4502 हेक्टेयर होगा जो पिछले साल 4262 की तुलना में 240 हेक्टेयर ज्यादा है। मटर का रकबा 4368 हेक्टेयर तय हुआ है, जो पिछले साल 3638 हेक्टेयर की तुलना में 730 हेक्टेयर अधिक है। इसी प्रकार मसूर का रकबा 13607 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। जो पिछले साल 10761 हेक्टेयर की तुलना में 2846 हेक्टेयर अधिक है। जबकि सरसो का रकबा 512 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। जो पिछले साल 471 हेक्टेयर की तुलना में 41 हेक्टेयर अधिक है।
पास मशीन से ही खाद की बिक्री करें नहीं तो लाइसेंस होंगे निरस्त
रबी की बुवाई के दौरान डीएपी, यूरिया और पोटाश की मांग को लेकर कृषि विभाग काफी सतर्कता बरत रहा है। कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने किसानों से अपील की है कि यूरिया और डीएपी की खरीद के लिए दुकानों पर आधार और खतौनी लेकर जाएं। किसान आवश्यकता के अनुरूप ही खाद की खरीदारी करें। दुकानदार पास मशीन से ही वितरण करें अन्यथा लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी। कहा कि निर्धारित रेट पर ही खाद की बिक्री करें और बिक्री के दौरान टैगिंग न करें।
9579 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध
रबी की बुवाई के लिए जनपद में यूरिया की 58200 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित है। जबकि अक्तूबर तक 7800 मीट्रिक टन का लक्ष्य है। अक्तूबर की लक्ष्य के मुताबिक 71010 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है। ऐसे ही रबी सीजन में डीएपी के लिए 23600 मी ट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित है। जबकि अक्तूबर तक 5600 मीट्रिक टन की तुलना में 9579 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता है। इसी प्रकार पोटाश को लेकर रबी के दौरान 1600 मीट्रिक टन का लक्ष्य है। वहीं अक्तूबर तक 500 मीट्रिक टन की तुलना में 119 मीट्रिक टन की उपलब्धता है।