अड़रिया प्राथमिक विद्यालय में निर्माणाधीन दिव्यांग शौचालय।
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अधिकारियों की तमाम चेतावनियों के बाद भी परिषदीय विद्यालयों की दशा नहीं सुधरी है। आपरेशन कायाकल्प के तहत जिले के 2269 परिषदीय विद्यालयों को दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शौचालय का निर्माण नवंबर तक कराया जाना था। स्थिति यह है कि समय बीतने के बाद निर्माण कार्य पूरा करने की बात तो दूर रही, अभी तक 435 विद्यालयों में शौचालय निर्माण का कार्य शुरू तक नहीं हो सका है।
जिले में कुल 2269 परिषदीय विद्यालय हैं जिनमें कुल 6240 बच्चे अध्ययनरत हैं। समावेशी शिक्षा की व्यवस्था को बहाल करने के लिए परिषदीय विद्यालयों में हर तरह की सुविधाएं मुहैया करानी हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में आपरेशन कायाकल्प के तहत पंचायत निधि से परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जाना है। इसी के तहत दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शौचालयों का निर्माण कार्य नवंबर 2021 में पूरा किया जाना था लेकिन अब तक सिर्फ 1503 विद्यालयों में ही शौचालयों का निर्माण हो पाया है। बाकी में से 331 विद्यालयों में निर्माण कार्य जारी है जबकि शेष 435 स्कूलों में अभी तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है। प्रत्येक विद्यालय में एक दिव्यांग शौचालय के निर्माण पर 70 हजार से एक लाख रुपये का खर्च किया जा रहा है। रेवतीपुर ब्लॉक के 104 विद्यालयों में से महज 28 परिषदीय विद्यालयों को ही इस योजना से संतृप्त किया जा सका है। जबकि 26 स्कूलों में शौचालय का निर्माण जारी है। शेष 50 विद्यालयों में अभी तक शौचालय का निर्माण तक शुरू नहीं हो सका है। ब्लॉक क्षेत्र में स्थित परिषदीय विद्यालयों में कुल 15500 बच्चे पंजीकृत हैं।
परिषदीय विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा करने को लेकर अधिकारी हिदायत देते रहे हैं लेकिन इसका असर नहीं नजर आ रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ब्लाकों के खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायतों को हिदायत दी है कि हर हाल में प्रत्येक पंचायत के परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांगों के लिए शौचालयों का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए। इसके बाद भी नवंबर का महीना बीत गया लेकिन निर्माण करीब 68 फीसदी दिव्यांग शौचालय ही निर्मित हो पाए हैं।
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दिव्यांग शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। शौचालय का निर्माण पंचायतों की ओर से कराना है। जो कमियां थीं, वे दूर की गई हैं। संबंधित को जल्द ही दिव्यांगों के लिए शौचालय का निर्माण जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।-हेमंत राव, बीएसए